" /> लॉकडाउन का कमाल भंगार से ‘परे’ मालामाल, ४५ करोड़ की हुई कमाई

लॉकडाउन का कमाल भंगार से ‘परे’ मालामाल, ४५ करोड़ की हुई कमाई

लॉकडाउन में एक तरफ जहां सब कुछ बंद है, वहीं पश्चिम रेलवे ने लॉकडाउन का फायदा उठाते हुए भंगार की ऑनलाइन नीलामी कर ४५ करोड़ रुपए की कमाई की है। इतना ही नहीं,
ऑनलाइन नीलामी के जरिए लॉकडाउन में भंगार बेचकर वह भारतीय रेलवे में भी सबसे अव्वल रही है।
कोरोना महामारी के कारण ट्रेनों का परिचालन पूरी क्षमता के साथ न होने की वजह से रेलवे की आमदनी बुरी तरह से प्रभावित हुई है। हालांकि पश्चिम रेलवे की गति थमने की बजाय लगातार जारी है। पश्चिम रेलवे द्वारा लॉकडाउन के दौरान कुल ४५ करोड़ रुपए मूल्य के स्क्रैप की बिक्री की गई है, जो रेलवे के समस्त जोनों में की गई सर्वाधिक बिक्री है।
पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सुमित ठाकुर ने बताया कि कारखानों और रेल पथ के किनारे पड़े हुए सभी स्क्रैप की बिक्री जून में शुरू की गई और अब तक ४५ करोड़ रुपए की स्क्रैप बिक्री की जा चुकी है।
यहां की गई ई-नीलामी
महालक्ष्मी, साबरमती, प्रताप नगर डिपो तथा मुंबई, वडोदरा, रतलाम, अमदाबाद, राजकोट एवं भावनगर मंडलों के जरिए ई-नीलामी की गई। ये नीलामी शत-प्रतिशत ऑनलाइन की गई।
बिके लोकोमोटिव
अनुपयोगी रेल, लोकोमोटिव, स्लीपर, कोच, वैगन जैसी ट्रैक संबंधी सामग्री तथा विभिन्न शेडों और कारखानों से निकली हुई अन्य सामग्रियों की ई-नीलामी की गई।
स्क्रैप मुक्त होगी रेलवे
महाप्रबंधक कंसल और प्रमुख मुख्य सामग्री प्रबंधक पांडेय के निर्देशों के अंतर्गत पश्चिम रेलवे को संपूर्ण स्क्रैप मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। सभी जोनल रेलों में पश्चिम रेलवे ने विगत दो वित्तीय वर्षों से लगातार ५३७ करोड रुपए और ५३३ करोड रुपए की स्क्रैप बिक्री कर सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया है।