" /> लॉकडाउन की लाचारी : आर्थिक तंगी के चलते मां ने घोंटा बेटी का गला, की आत्महत्या

लॉकडाउन की लाचारी : आर्थिक तंगी के चलते मां ने घोंटा बेटी का गला, की आत्महत्या

पीड़ित परिजनों की मदद के लिए स्वरा युवा ग्रुप संस्था ने बढ़ाया हाथ
पीड़ित परिवार को दी राशन-धनराशि : बड़ी बच्ची के शिक्षण की ली जिम्मेदारी

वैश्विक महामारी कोरोना से लॉकडाउन लगाने की मजबूरी लोगों को लाचार बना रही है। काम-धंधा ठप होने से लोगों का आर्थिक स्थिति बेहद खराब होती जा रही है। इसका दुखद प्रबाव पालघर जिले के जव्हार तालुका में देखने को मिला, जहां जव्हार तालुका के  बोरिचा माल गांव में आदिवासी समाज की एक विवाहित महिला मंगला दिलीप वाघ ने अपनी ही मासूम बेटी की साड़ी से गला घोंटकर हत्या कर दी और उसके बाद उसने खुद अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। इस घटना ने पूरे पालघर जिलावासियों को झकझोर कर रख दिया है। इस घटना के दोहराव को रोकने के लिए स्वयंसेवी सामाजिक संस्था ने सराहनीय प्रयास शुरू किया है।

पालघर लोकसभा क्षेत्र शिवसेना के सांसद राजेंद्र गावित के मार्गदर्शन में काम कर रही स्वरा युवा ग्रुप समाजिक संस्था के अध्यक्ष तुसार बालकृष्ण संखे की टीम ने पूरे लॉकडाउन में तीन हजार किलो से अधिक राशन अलग-अलग गांवों में जाकर जरूरतमंद लोगों के बीच बंटवाकर उनकी मदद की। वहीं जव्हार की घटना के सामने आने के बाद तुषार संखे ने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए मृतक परिवार के घर पहुंचकर परिजनों को सांत्वना देने के साथ ही राशन और धनराशि का चेक देकर पीड़ित परिवार की बड़ी लड़की को शिक्षा प्रदान करने के लिए संपूर्ण खर्च की जिम्मेदारी ली। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि ग्रामीण इलाके जव्हार मोखाडा, तलासरी, विक्रम गढ़ जैसी एरिया में कोई भी नागरिक भूखा न रहे और कोई भी भुखमरी के चलते आत्महत्या न करे। ऐसे जरूरतमंद लोग खुद स्वरा युवा ग्रुप से संपर्क करें।