" /> लॉकडाउन के संदर्भ में 3 मई के बाद सतर्कता बरतते हुए छूट देने का प्रयास होगा : बहुत सावधानी से कदम रखेंगे – मुख्यमंत्री

लॉकडाउन के संदर्भ में 3 मई के बाद सतर्कता बरतते हुए छूट देने का प्रयास होगा : बहुत सावधानी से कदम रखेंगे – मुख्यमंत्री

कोरोना के मद्देनजर राज्य में रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन के अंतर्गत जिलों का विभाजन किया गया है और लॉकडाउन के संदर्भ में 3 मई के बाद क्या करना है, इस बात को लेकर हालातों को देखते हुए बहुत ही सावधानी से और सतर्कता बरतते हुए निर्णय लेना होगा। रेड जोन में अब छूट देना राज्य के हित में नहीं है, वहीं रेड जोन के नियमों का अभी अधिक कड़े रूप में पालन करना होगा लेकिन ऑरेंज जोन में बाधित क्षेत्र के छोड़कर अन्य जगहों एवं ग्रीन जोन के निर्बंध चरणबद्ध तरीके से शिथिल करने का प्रयास होने के संकेत आज मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने दिए हैं।
आज मुख्यमंत्री ने फेसबुक लाइव के द्वारा राज्य की जनता को महाराष्ट्र दिन एवं कामगार दिन की शुभकामनाएं दीं, इस अवसर पर वे बोल रहे थे।
शब्दरूपी भावनाएं
मुंबई शहीदों के बलिदान से हमें मिली है और आज उन सभी शहीदों का स्मरण करते हैं। मैं उन्हें विनम्र अभिवादन करता हूं, यह कहकर मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र यह (लढवैय्या) शूरवीरों का है। महाराष्ट्र के पराक्रम की गाथा कई शतकों की है। कई शासनकर्ता, क्रांतिकारी, समाज सुधारकों का महाराष्ट्र है। रूढ़ि-परंपरा को तोड़कर आधुनिकता की ओर बढ़नेवाला यह महाराष्ट्र है। डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर, शाहू महाराज, ज्योतिबा फुले, शिवाजी महाराज का यह महाराष्ट्र है। ऐसे पराक्रमी राज्य का मुख्यमंत्री होने का सौभाग्य मुझे मिला है, इस बात की खुशी है, जिसे शब्दों में व्यक्त करना मुश्किल है। आज महाराष्ट्र का 60वां वर्धापन दिन है, इसके औचित्य पर शहीदों (हुतात्मा) को मुख्यमंत्री के रुप में वंदन करते हुए, उन्हें अभिवादन करता हूं।
*मुख्यमंत्री ने अपनी यादों को साझा किया *
महाराष्ट्र राज्य स्थापना का हीरक महोत्सव बहुत ही उत्साह से मनाना था लेकिन आज के हालातों में यह संभव नहीं है, यह कहते हुए मुख्यमंत्री ने अपनी यादों को साझा किया। उन्होंने कहा कि नानाजी (आजोबा) प्रबोधनकार ठाकरे, पिता बालासाहेब ठाकरे, चाचा, इन्होंने संयुक्त महाराष्ट्र की लड़ाई में भाग लिया था, आज उनकी सेनापति बापट, शाहीर अमर शेख का स्मरण होता है, आज मुझे मेरी मां भी बहुत याद आ रही हैं।
जिन मिल मजदूरों ने पराक्रम से मुंबई ली, उन सभी ज्ञात-अज्ञात मजदूरों को हम नमन करते हैं। महाराष्ट्र राज्य स्थापना के 50वें वर्धापन दिन पर बांद्रा कुर्ला संकुल के कार्यक्रम में लता मंगेशकर द्वारा गाया हुआ “बहु असोत सुंदर संपन्न की महा, प्रिय अमुचा एक महाराष्ट्र देश हा” इस गीत की आज याद आती है। मैं लता दीदी को प्रणाम करते हुए आशीर्वाद मांगता हूं।  यह कहते हुए आज इसी बांद्रा-कुर्ला संकुल में कोविड मरीजों के अस्पताल शुरू होने की जानकारी मुख्यमंत्री ने दी।
परराज्य के लोगों को भेजने के लिए शिस्तबद्ध योजना, भीड़ न हो
परराज्य के जो नागरिक महाराष्ट्र में अटके हुए हैं, उन्हें उनके राज्यों में भेजने के लिए सरकार की ओर से शिस्तबद्ध रूप से व्यवस्था की जा रही है। संबंधित राज्यों के प्रशासन से, मुख्यमंत्री से चर्चा शुरू है। राज्य-राज्य के समन्वय से इन सभी नागरिकों को उनके राज्यों में भेजा जाएगा और इसी पद्धति से अन्य राज्य में अटके हुए महाराष्ट्र के लोगों को भी महाराष्ट्र में वापस लाया जाएगा लेकिन इसके लिए भीड़ न करें, भीड़ में जमा न हो, इस बात को भी मुख्यमंत्री ने इस दौरान स्पष्ट किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के अंतर्गत अटके हुए लोगों को भी जिलाधिकारियों से कहकर उनकी भी उनके गांव जाने की व्यवस्था की जाएगी।
खेती के काम और खेत मालवाहतूक शुरू ही रहे, बीज की कमी नहीं
कृषि एवं कृषि से संबंधित व्यवहार, कृषि मालवाहतूक, जीवनावश्यक वस्तुओं की वाहतूक इस पर किसी भी प्रकार के बंधन नहीं हैं, किसानों को बीज की कमी नहीं होगी। धीरे-धीरे इस पर जो भी बंधन है, उसे भी हटाया गया है लेकिन अगर भीड़ होगी, तब ऐसी स्थिति में बंधन फिर से लगाना पड़ेगा, इस तरह का इशारा भी मुख्यमंत्री ने इस दौरान दिया।
जनता ही राज्य एवं राष्ट्र की असली दौलत
महाराष्ट्र के पराक्रम की गाथा कई शतकों की है। महाराष्ट्र में कहीं भी कमी नहीं है, आज  महाराष्ट्र कोरोना से लड़ रहा है और इस लड़ाई में महाराष्ट्र जीतेगा ही। इस विषाणु के कारण राज्य संकट की घड़ी से गुजर रहा है। आर्थिक गति भी बिगड़ गई है। रोजगार कम हुआ है। समस्याएं बढ़ी हैं। यह कुछ पैमाने पर भले ही सच हो लेकिन प्रत्येक राज्य एवं राष्ट्र की असली दौलत उस राज्य एवं राष्ट्र की जनता ही होती है। यही जनता, यही सैनिक बचे, तो उनके सहयोग से इन सभी समस्याओं का हम निश्चित ही मुक़ाबला कर सकते हैं और करेंगे, यह विश्वास भी मुख्यमंत्री ने इस दौरान व्यक्त किया।
लक्षण दिखाई देने पर तुरंत ही इलाज़ कराएं
लॉकडाउन के कारण कोराना विषाणु का गुणाकार रोकने में निश्चित ही सफलता मिली है, यह कहते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में कुछ परिसर में कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ी हुई दिखाई देती है लेकिन पहले मरीज से संपर्क में आए हुए, उनके निकटवर्तियों की भी हम जांच कर रहे हैं इसलिए यह संख्या बढ़ी हुई दिखाई देती है। कोरोना हुआ यानी सब खत्म हुआ, वेंटिलेटर लगा यानी सब खत्म, ऐसा बिलकुल भी नहीं है। छह महीने के बच्चे से लेकर 85 साल की नानी (आजी) तक सभी ने कोरोना से लड़ाई जीती है इसलिए कोराना की दहशत में न रहें, समय पर योग्य इलाज़ लेने से मरीज़ ठीक होकर अच्छे से वह अपने घर जाते हुए भी दिखाई दे रहे है इसलिए कोरोना के लक्षण दिखाई देने पर घर पर इलाज़ न करते हुए तत्काल फिवर अस्पताल में जाकर इलाज़ करवाने का आह्वान भी उन्होंने इस दौरान किया है।
मुंबई में घर-घर जाकर 2 लाख से अधिक परीक्षण हो रहा है
आज भी 75 से 80 फीसदी मरीजों में कोराना के सौम्य, अतिसौम्य लक्षण है या फिर उनमें लक्षण दिखाई ही नहीं देते। ऐसे में भी हम इन सभी को विलगीकरण कक्ष में दाखिल कर रहे हैं। मुंबई महापालिका ऑक्सीमीटर की सहायता से घर-घर जाकर परीक्षण किया जा रहा है। अब तक २ लाख से अधिक परीक्षण हुआ है, जिनमें 272 लोगों में ऑक्सीजन की कमी और अन्य बीमारी के मरीज मिले हैं। महापालिका अब उन पर इलाज़ कर रही है। कोरोना के संदर्भ में जो भी अच्छा हो रहा है, वह सब कुछ करने में महाराष्ट्र कहीं पर भी कम नहीं है, ऐसी स्वीकारोक्ति भी उन्होंने इस दौरान दी।

10 हजार लोगों को प्रशिक्षण

कोविड योद्धा होकर सरकार के साथ काम करने का आह्वान करने के बाद राज्य से उसे उत्तम प्रतिसाद मिला है। करीबन 20 हजार लोगों ने काम करने की इच्छा व्यक्त की है और 10 हजार लोगों ने काम के लिए प्रत्यक्ष रूप में अपनी तैयारी भी दर्शाई है, जिन्हें अब प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह जानकारी भी मुख्यमंत्री ने दी।
राज्य में यंत्रणा बहुत ही अच्छी तरह से काम कर रही है
मुंबई महानगरपालिका की महापौर एवं कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका की महापौर का मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से उल्लेख किया। ये दोनों परिचारिका हैं और इस आपदा की स्थिति में सेवा देने के लिए आगे आई हैं। इसी तरह निजी डॉक्टर्स से भी आगे आने का आह्वान उन्होंने किया। आयुष मंत्रालय की, होमियोपैथी की मदद लिए जाने की बात कहते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि टास्कफोर्स के डॉक्टर्स अन्य डॉक्टरों का मार्गदर्शन कर रहे है, इससे इलाज़ की एक दिशा भी निश्चित हो रही है। राज्यभर  में यंत्रणा बहुत ही अच्छी तरह से काम कर रही है। डॉक्टर, नर्सेस, पुलिस ये सभी हमारे लिए भगवान हैं। उनका तनाव न बढ़ाते हुए, अब तक जिस तरह से हमने उन्हें सहयोग किया है, उसी तरह आगे भी सहयोग करें, ऐसा आह्वान भी मुख्यमंत्री ने इस दौरान किया है।