" /> लॉकडाउन में ऑनलाइन बेच रहे थे 450 ब्रैंड्स की सिगरेट, पुलिस ने दबोचे दो आरोपी

लॉकडाउन में ऑनलाइन बेच रहे थे 450 ब्रैंड्स की सिगरेट, पुलिस ने दबोचे दो आरोपी

लॉकडाउन में आप राशन, दवा जैसी जरूरी चीजें ऑनलाइन मंगवा सकते हैं, लेकिन कुछ लोगों ने शराब-सिगरेट जैसी चीजों की भी ऑनलाइन खरीद फरोख्त शुरू कर दी। बेंगलुरु में क्राइम ब्रान्च ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है जो लॉकडाउन में ऑनलाइन सिगरेट बेच रहे थे। इनके कब्जे से 30 हजार रुपये के सिगरेट भी बरामद किए गए हैं।
अख्तर मिर्जा और तबुद्दीन मोहिद्दीन के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इन्होंने लॉकडाउन में सिगरेट की ऑनलाइन बिक्री के लिए ‘मूनलाइट डिलीवरी’ नाम से अवैध तरीके से कारोबार शुरू कर लिया। मोबाइल नंबर के जरिए ग्राहकों को रजिस्टर करवाते थे और फिर उन्हें सिगरेट पहुंचाते थे। इनके पास 450 अलग-अलग ब्रैंड्स के सिगरेट थे।

कोरोना वायरस को रोकने के लिए 3 मई तक देशभर में लॉकडाउन लागू किया गया है। 24 मार्च को लॉकडाउन की शुरुआत से ही गुटखा, सिगरेट और शराब समेत सभी तरह के नशीलों पदार्थों की बिक्री पर रोक लगा दी गई। कई जगह गली मुहल्लों में गुटखा सिगरेट चोरी छिपे बिक रहा है, लेकिन लोगों को दो से तीन गुनी कीमत चुकानी पड़ रही है।

सिगरेट शेयर करने से कोरोना का डर
दरअसल, गुटखा और सिगरेट भी कोरोना वायरस को फैलाने में सहायक हो सकते हैं। गुटखा खाकर अक्सर लोग यहां-वहां थूकते हैं। यदि कोई संक्रमित व्यक्ति गुटखा खाकर थूकेगा तो वायरस फैलने की संभावना रहेगी। इसके अलावा लोग सिगरेट भी अक्सर दोस्तों के साथ शेयर करते हैं। ऐसे में यह संक्रमण भी एक से दूसरे व्यक्ति तक पहुंचा सकता है।