" /> लॉकडाउन में कहां से छपवाए पोस्टर? भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ताओं पर उठ रही है कार्रवाई की मांग

लॉकडाउन में कहां से छपवाए पोस्टर? भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ताओं पर उठ रही है कार्रवाई की मांग

उल्हासनगर में भाजपा की तरफ से घोषणा की गई है कि महाअघाड़ी सरकार के विरोध में 200 जगह पर भाजपा के पदाधिकारी व कार्यकर्ताओ ने विरोध किया। पर शहर में आवाज उठने लगी है कि जब सरकार की तरफ से प्रिंटिंग प्रेस बंद हैं तो फिर ये पोस्टर कैसे छपे? प्रिंटर व भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग शिवसेना की तरफ से की जा रही है।
उल्हासनगर में शुक्रवार 22 मई को भाजपा द्वारा महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ अपने-अपने कार्यालयों के बाहर, पदाधिकारियों के घरों, छज्जों पर भाजपाइयों ने आंदोलन कर कोरोना संक्रमण में विफल बताते हुए मुंह पर काला मास्क, कपड़े, काली रिबिन लगाकर विरोध का नाटक किया। महाराष्ट्र सरकार पर अक्षम सरकार का आरोप लगाया। पर आश्चर्य का विषय यह है कि राज्य भाजपा द्वारा एक ही तरह के एक ही माप के, एक ही संदेश लिखे एक जैसे हजारों फ्लैक्स बोर्ड प्रिंट किए गए और हजारों कार्यकर्ताओं के पास पहुंचाए कैसे गए?
अब लॉकडाउन कार्यकाल में हजारों-लाखों की तादाद में फ्लैक्स बोर्ड राज्य, उल्हासनगर भाजपा ने कहां, कैसे प्रिंट करवाए? लॉकडाउन व सरकार द्वारा प्रतिबंधित आदेश के बावजूद हजारों कार्यकर्ताओं के पास कैसे पहुंचाए? उल्हासनगर शिवसेना के उपविभागप्रमुख प्रमोद पांडेय ने सरकार से मांग की है कि दूसरों पर आरोप को नसीहत देनेवाली सत्तालोलुप भाजपाई लोगों पर कार्रवाई की मांग की है। इस समय मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे कोरोना जैसी भयानक परिस्थितियों में एक योद्धा की तरह से लड़ रहे हैं। कोरोना से डर नहीं, लड़ रहे हैं। उन्हें विचलित करने का भाजपा ने विरोधरूपी नाटक किया। भाजपा के इस नाटक की महाराष्ट्र की जनता ने  वाहवाही की बजाय भर्त्सना की।