" /> लॉकडाउन में ड्यूटी पर नहीं आए : मध्य रेलवे के 800 कर्मचारियों का कटा वेतन

लॉकडाउन में ड्यूटी पर नहीं आए : मध्य रेलवे के 800 कर्मचारियों का कटा वेतन

यूनियन ने लिखा महाप्रबंधक को पत्र

लॉकडाउन के दौरान मई महीने में मध्य रेलवे के जो कर्मचारी ड्यूटी पर नहीं आए थे उन कर्मचारियों का वेतन रेलवे ने काट लिया है। ऐसे 800 रेल कर्मचारी हैं, जिनका वेतन काटा गया है। वेतन कटने से रेल कर्मचारियों पर आर्थिक संकट आ गया है। सारे रेल कर्मचारी मुंबई डिवीजन के हैं। हालांकि वेतन कटौती पर कर्मचारियों के संघ ने मध्य रेलवे के महाप्रबंधक को पत्र लिखकर वेतन देने की मांग की है।
यूनियन का कहना है कि रेलवे प्रशासन कर्मचारियों पर आरोप लगा रहा है कि बहुत से वर्कर्स लॉकडाउन का गलत फायदा उठाकर काम पर नहीं आए। जबकि कर्मचारियों का कहना है कि वे लोग बहाने से नहीं, बल्कि साधन न उपलब्ध होने के कारण काम पर नहीं आ पाए थे। बदलापुर के रहनेवाले 48 साल के गैंगमैन ने बताया, ‘मैं बदलापुर में रहता हूं। मेरी बिल्डिंग में कोरोना के कुछ मामले सामने आने के बाद उसे सील कर दिया गया। यही वजह था कि मैं काम पर नहीं जा सका।’
वर्कर्स के यूनियन सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ ने बताया कि ज्यादातर कर्मचारियों के साथ यही समस्या थी। उन्हें साधन नहीं मिल रहे थे। यातायात सेवाएं बंद थीं। उन्होंने कहा कि अप्रैल महीने में भी ज्यादातर कर्मचारियों को अस्थायी वेतन दिया गया था। पिछले महीने तो उन्हें कुछ नहीं दिया गया। संघ के चेयरमैन आर.पी. भटनागर ने कहा कि इन्हीं कर्मचारियों की वजह से रेलवे ट्रेनों का परिचालन कर पाता है लेकिन उसे इनके परिवारों की चिंता नहीं है। मौजूदा हालात में वे लोग अपना घर कैसे चलाएंगे?

वेतन बहाली की मांग
संघ ने मध्य रेलवे के महाप्रबंधक को पत्र लिखकर कर्मचारियों का वेतन बहाल करने की मांग की है। वहीं, मुंबई डिवीजन के एक रेलवे अधिकारी ने कहा कि कई कर्मचारी ऐसे हैं, जिन्होंने दूसरे वर्कर्स को काम पर जाने से मना किया। उनको बताया गया कि काम पर न जाने के बाद भी उन्हें वेतन मिलेगा ही। अगर यह जारी रहता है तो हम श्रमिक ट्रेनों जैसी स्पेशल गाड़ियों का परिचालन कैसे करेंगे?