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लॉकडाउन में ढील से विकास परियोजनाओं ने पकड़ी रफ्तार

राज्य सरकार द्वारा लॉकडाउन में ढील मिलने से मुंबई की विकास परियोजनाओं ने अब रफ्तार पकड़ना शुरू कर दिया है। लॉकडाउन से पहले ट्रैफिक के कारण जिन परियोजनाओं का काम पूरा करने में दो से ढाई महीने लग जाते थे, वही काम अब महज कुछ सप्ताह में पूरा हो पाना संभव हो रहा है।

मई में ६० यू गर्डर डाले गए
लॉकडाउन में छूट मिलने के साथ ही मुंबई के विभिन्न इंप्रâा प्रॉजेक्ट के निर्माण ने रफ्तार पकड़ ली है। कोरोना के कारण मुंबई में लगे कर्फ्यू की वजह से कुछ प्रॉजेक्ट पर हाल ही में दोगुनी रफ्तार से काम हुआ है। विशेष रूप से मेट्रो ४ कॉरिडोर पर कई महीने का काम मात्र एक महीने में पूरा कर लिया गया है। केवल मई में ही मुंबई से ठाणे को जोड़नेवाले इस कॉरिडोर के मार्ग पर ६० यू गर्डर और ९ पिलर कैप रखे गए। सामान्य दिनों में सड़क पर होनेवाले ट्रैफिक की वजह से यह काम पूरा करने में दो से ढाई महीने का समय लगता है। ट्रैफिक विभाग द्वारा ब्लॉक की अनुमति मिलने के बाद ही कुछ परिसर में काम करना संभव हो पाता है लेकिन कोरोना की वजह से वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध लगने का फायदा विभिन्न इंप्रâा प्रॉजेक्ट्स को मिला है। लॉकडाउन का फायदा उठाते हुए एमएमआरडीए ने विभिन्न मेट्रो कॉरिडोर के मार्ग पर गर्डर रखने और पिलर तैयार करने के काम की रफ्तार बढ़ा दी है। इस दौरान मेट्रो ४ कॉरिडोर के साथ ही मेट्रो ६ कॉरिडोर के मार्ग पर भी पहला यू गर्डर रखा गया।

पहला पिलर कास्टिंग का काम पूरा
घोडबंदर रोड पर वाहनों की आवाजाही कम होने के साथ ही मेट्रो ४ ए के निर्माण कार्य ने रफ्तार पकड़ ली है। एमएमआरडीए ने मार्ग के पहले पिलर के कास्टिंग का काम पूरा कर लिया है। मेट्रो ४ ए के तहत गायमुख से कासारवडवली के बीच २.७ किलोमीटर का मेट्रो मार्ग तैयार किया जा रहा है, इसके तहत डीएन से मंडाला के बीच बन रहे मेट्रो २ बी के मार्ग पर गर्डर रखने के काम की शुरुआत की गई है। डीएन नगर से मंडाला के बीच २३.६४३ किमी लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण कार्य चल रहा है।

हाइवे का प्री मॉनसून वर्क पूरा
सड़कों पर वाहनों की आवाजाही कम होने का फायदा प्री मॉनसून वर्क को भी मिला है। ईस्टर्न और वेस्टर्न एक्सप्रेस हाइवे के गड्ढे भरने का काम लगभग पूरा कर लिया गया है। एमएमआरडीए के मुताबिक मुंबई के दोनों प्रमुख हाइवे पर प्री मॉनसून वर्क करीब ९० प्रतिशत तक पूरा कर लिया गया है। जल्द ही बचा हुआ काम भी पूरा कर लिया जाएगा। वहीं मुंबई से मजदूरों के पलायन का असर मुंबई में दिखने लगा है। मुंबई के हाइवे का काम करनेवाले ठेकेदारों को मजदूरों की कमी से जूझना पड़ रहा है। इसी तरह मेट्रो समेत अन्य प्रॉजेक्ट में काम करनेवाले मजदूर भी लॉकडाउन के बाद अपने घर चले गए हैं। हालांकि अब मुंबई में एक बार फिर प्रवासी मजदूर लौटने लगे हैं।