" /> लॉकडाउन में फिट हो रही ‘मरे’ : रेल लाइन से लेकर सिग्नल हो रहे दुरुस्त

लॉकडाउन में फिट हो रही ‘मरे’ : रेल लाइन से लेकर सिग्नल हो रहे दुरुस्त

– डेढ़ किमी ट्रैक का हुआ नवीनीकरण
– बदले गए १०० स्लीपर

लॉकडाउन में ब्लॉक लेकर मध्य रेलवे सभी पेंडिंग काम रफ्तार से खत्म करने में लगी हुई है और खुद को फिट कर रही है। लॉकडाउन में अधिक समय मिलने के कारण ब्लॉक लेकर पुरानी पटरियों को हटा कर नई रेल पटरी बिछाई जा रही हैं। इन सभी कामों को अब नियमित संडे ब्लॉक लेकर तेजी से पूरा किया जा रहा है।

बारिश में भी जारी काम
आम तौर पर सामान्य दिनों में मॉनसून के दौरान ज्यादातर बारिश से जुड़े काम ही ब्लॉक में होते हैं लेकिन इस बार मॉनसून से जुड़े काम खत्म होते ही कई स्थानों पर सालों पुरानी पटरियां बदलने का मौका मिल गया। पिछले रविवार मूसलाधार बारिश के बावजूद मध्य रेलवे के कुछ स्थानों पर पटरियां बदलने, तो कहीं ओवरहेड वायर को ठीक करने का काम पूरा किया गया।

यहां हुआ काम
विद्याविहार-ठाणे अप और डाउन फास्ट लाइन पर ब्लॉक के दौरान रखरखाव का काम किया गया। इस दौरान भांडुप और मुलुंड के बीच १.५४ ट्रैक किमी के रेल नवीनीकरण, रोड रेल वाहन द्वारा लगभग १०० स्लीपर बदलने और ५५ स्क्रैप रेल को हटाने, क्रॉस ओवर पॉइंट रिप्लेसमेंट और ६ स्थानों पर एलुमिनो-थर्मिक वेल्डिंग का काम किया गया।

एक दिन में सालभर की तैयारी
लॉकडाउन के कारण सीमित सर्विस चलती हैं। ऐसे में मरम्मत कार्य के लिए ज्यादा वक्त मिलता है। पिछले ब्लॉक के दौरान मध्य रेलवे मेनलाइन के कुछ सेक्शन में २५० मीटर तक की लंबाई के कांटैक्ट वायर हटाए गए। इसके अलावा ३ अवशेष और ४ कमजोर पॉइंट हटाए गए। लगभग एक किमी के ओएचई का साल भर का ओवरहॉलिंग किया गया।

दुरुस्त हुए सिग्नल
ब्लॉक के दौरान घाटकोपर सेक्शन में सिग्नल प्रणाली को दुरुस्त करने का काम कर लिया गया। घाटकोपर के अलावा विक्रोली में के-बोर्ड विवरण का परीक्षण किया गया। पॉइंट फेल न हो, इसके लिए कई जगहों पर डिजिटल एक्सल काउंटर के सेंसर को बदला गया।

गिराया गया पुराना एफओबी
इस बार लॉकडाउन के दौरान लिए गए ब्लॉक में एक ही दिन में वासिंद में १०० साल से अधिक पुराना फुटओवर ब्रिज भी निर्धारित समय के भीतर ध्वस्त किया गया।