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लॉकडाउन में शिवभोजन का सहारा!

मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना

-62,84,413 लोगों ने लिया लाभ

*राज्य में 838 शिवभोजन केंद्र
*अनाज का हुआ रिकॉर्ड वितरण

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने लॉकडाउन के दौरान गरीबों, किसानों, मेहनतकश मजदूर भूखे न मरें, इसके लिए शिवभोजन थाली योजना सहित अनेक योजनाएं चलाईं हैं। शिवभोजन थाली योजना के तहत पांच रुपए में राज्य सरकार की ओर से भोजन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। कोविड – १९ के प्रादुर्भाव को रोकने की दृष्टि से शुरू लॉकडाउन के दौरान व लॉकडाउन शिथिल होने के बाद 1 अप्रैल से 5 जून तक 62,84,413 लोगों ने शिवभोजन थाली का लाभ लिया है।
इसी प्रकार लॉकडाउन के दौरान अनाज का वितरण रिकार्ड तोड़ दर्ज किया गया है। राज्य के अन्न नागरिक आपूर्ति विभाग ने अप्रैल महीने में 68 लाख 13 हजार क्विंटल, मई महीने में 76 लाख 83 हजार क्विंटल अनाज का वितरण किया है। यह जानकारी अन्न आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल ने दी। कोरोना के दौरान शिवभोजन थाली की संख्या में 50 हजार की बढ़ोत्तरी की गई है। राज्य में प्रतिदिन 838 शिवभोजन केंद्र के माध्यम से डेढ़ लाख शिवभोजन थाली का वितरण किया जा रहा है। राज्य में अप्रैल महीने में 772 केंद्रों में 23 लाख 99 हजार 737 शिवभोजन थाली, मई महीने में 838 केंद्रों के माध्यम से 33 लाख 84 हजार 40 शिवभोजन थाली तो जून 5 तक 5 लाख 636 शिवभोजन थाली वितरण किए गए है। ऐसा भुजबल ने बताया। सामान्य परिस्थितियों में, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत लगभग 35 लाख क्विंटल खाद्यान्न मासिक रूप से वितरित किया जाता है। हालांकि, अप्रैल में प्रधान मंत्री गरीब कल्याण खाद्य योजना के तहत 31 लाख 51 हजार क्विंटल मुफ्त चावल के वितरण के कारण 68 लाख 13 हजार क्विंटल खाद्यान्न दोगुना हो गया है। मई और जून में केसरी कार्ड धारकों को अतिरिक्त 1.5 लाख क्विंटल खाद्यान्न वितरित किया जा रहा है, मई में 76.83 लाख क्विंटल खाद्यान्न वितरित किया गया था। महाराष्ट्र सरकार राज्य में 52,428 सस्ते खाद्य दुकानों के माध्यम से राज्य के अत्यंत गरीब और जरूरतमंद नागरिकों को खाद्यान्न वितरित कर रही है ताकि राज्य का कोई भी नागरिक कोरोना अवधि के दौरान भूखा न रहे।
अप्रैल महीने में, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत 6.69 करोड़ नागरिकों को 36 लाख 61 हजार क्विंटल (95%) खाद्यान्न वितरित किया गया है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत, नियमित रूप से खाद्यान्न की खपत के बाद, अप्रैल से जून तक प्रति माह 5 किलोग्राम मुफ्त चावल लाभार्थियों को दिया जा रहा है। दूसरी ओर, पोर्टेबिलिटी के कारण लॉकडाउन में फंसे 36 लाख 58 हजार 699 लाभार्थियों को अप्रैल महीने से राज्य में वे जहां भी हैं, वहां अनाज दिया जा रहा है। मई महीने में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत 6.5 लाख करोड़ नागरिकों को 36 लाख 92,090 क्विंटल (90 प्रतिशत) खाद्यान्न वितरित किया गया है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत 6 करोड़ 02 लाख लाभार्थियों को 31 लाख 73 हजार 220 क्विंटल (91 प्रतिशत) मुफ्त चावल वितरित किया गया। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत, अप्रैल, मई और जून के तीन महीनों के दौरान खाद्य सुरक्षा योजना के 7 करोड़ पात्र लाभार्थियों को प्रति माह एक कार्ड पर एक किलो अरहर या चना की दाल मुफ्त दिया जा रहा है। इस योजना के तहत मई में 97,005 क्विंटल मुफ्त दाल वितरित की गई है।
राष्ट्रीय अन्न सुरक्षा योजना अंतर्गत समाविष्ट एपीएल केसरी कार्डधारक 3 करोड़ 8 लाख लाभार्थियों में से 1 करोड़ 58 लाख (52 प्रतिशत) नागरिकों ने मई में 8 लाख 18 हजार क्विंटल खाद्यान्न का लाभ उठाया। इसमें गेहूं 8 रुपये प्रति किलो और चावल 12 रुपये दिया जा रहा है। कोरोना वायरस के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए लगाए गए लॉकडाउन की स्थिति से उबरने के लिए गरीब और जरूरतमंद नागरिकों को मई और जून में दो महीने की अवधि के लिए प्रति माह प्रति व्यक्ति 5 किलो मुफ्त चावल दिया जा रहा है। उक्त जानकारी भुजबल ने दी।