" /> लॉक डाउन की वजह से वसई-विरार मनपा ने 127 ठेका कर्मचारियों को नौकरी से निकाला

लॉक डाउन की वजह से वसई-विरार मनपा ने 127 ठेका कर्मचारियों को नौकरी से निकाला

कोरोना संक्रमण बीमारी के कारण हजारों लोग इस संक्रामक बीमारी से लड़ रहे हैं, वहीं वसई-विरार महानगरपालिका के आयुक्त गंगाथरन डी. ने ठेका पद्धति पर अतिक्रमण विभाग में काम करनेवाले 127 कर्मचारियों को नौकरी से निकालकर घर बैठाने का निर्णय लिया है, जिसकी वजह से इस महामारी के समय सैकड़ों परिवार भुखमरी के कगार पर हैं।
मिली जानकारी के अनुसार वसई-विरार महानगरपालिका ने अतिक्रमण दूर करने के लिए ‘अवैध रूप से होनेवाले अवैध बांधकाम को’ रोकने के लिए वसई-विरार मनपा ने ठेका पद्धति पर 127 लोगों को नियुक्त किया था लेकिन कोरोना जैसी संक्रामक बीमारी की वजह से 2 महीने से लॉकडाउन चल रहा है, जिसकी वजह से तोड़क कार्रवाई बंद की गई है। लॉकडाउन में तोड़क कार्रवाई बंद होने का हवाला देते हुए वसई-ंविरार मनपा के आयुक्त गंगाथरन डी. ने ठेका पद्धति पर काम करनेवाले 127 कर्मचारियों को काम पर से निकाल दिया है। ये सभी कर्मचारी मे. बी. ए. ट्रेडर्स ठेका कंपनी के कर्मचारी हैं। ये सभी कर्मचारी 9 प्रभागों में कार्यरत थे। प्रत्येक प्रभाग में 13 कर्मचारी और विशेष नियोजन प्राधिकरण विभाग में १० कर्मचारी। इस प्रकार से १२७ कर्मचारी थे लेकिन 17 मई से इन सभी कर्मचारियों को काम बंद करने का आदेश आयुक्त गंगाथरन डी. ने दिया है। एक तरफ जहां सरकार प्राइवेट कंपनियों को आगाह कर रही है कि इस दुखद घड़ी में जो भी कर्मचारी काम पर नहीं जा रहे हैं, उन्हें नौकरी से नहीं निकालें और हो सके तो उनकी पूरी तनख्वाह दें, वहीं वसई-विरार के आयुक्त ने ठेका पद्धति पर काम करनेवाले सैकड़ों कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है।