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लॉक डाउन, मुंबई सहित पुणे, पिंपरी, नागपुर ३१ मार्च तक बंद

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने किया नागरिकों से सहयोग का आह्वान

कोरोना वायरस को लेकर प्रशासन के एहतियातन निर्देश के आधार पर मुंबई महानगर क्षेत्र के व्यापारियों, प्रतिष्ठानों व संस्थानों ने एक तरह से स्वेच्छा से लॉक डाउन कर लिया है। आगामी दिनों में भी इन्होंने कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए अपने संस्थानों को बंद करने का निर्णय लिया है।

कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए और अधिक प्रयास करने की आवश्यकता है। सार्वजनिक यातायात पूरी तरह से बंद करना संभव नहीं है। आगामी १५ से २० दिनों तक अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है। इस बात को ध्यान में रखकर राज्य के सभी सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों की उपस्थिति २५ प्रतिशत तक कर दी गई है। मुंबई सहित पुणे, पिंपरी, चिंचवड, नागपुर की सभी दुकानें और निजी कार्यालय ३१ मार्च तक बंद करने की घोषणा कल मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने लाइव प्रसारण के माध्यम से की है। इस तरह से इन शहरों में एक तरह से लॉक डाउन जैसी हालत रहेगी। जीवनावश्यक वस्तुएं अनाज, दवा, दूध आदि की दुकानें खुली रहेंगी। यह आदेश कल रात १२ बजे से लागू हो गया है। मुंबई महानगर में लोकल व बस की सेवाएं आवश्यक सेवाएं में आती हैं इसलिए ये बंद नहीं होंगी।
कोरोना के संक्रमण को देखते हुए पहली से ८वीं तक की परीक्षा को रद्द कर दिया गया है। बंद के संदर्भ में शहर के किसी भी नागरिक को संभ्रम हो तो वह संबंधित जिलाधिकारी व आयुक्त के संपर्क में रहे, ऐसा मुख्यमंत्री ने कहा। उन्होंने कहा कि जो दुकानदार अपनी दुकानें बंद कर रहे हैं, उन सभी से आह्वान है कि वे मेहनतकश मजदूरों व कर्मचारी वर्ग का न्यूनतम वेतन देना बंद न करें क्योंकि उनका और उनके परिवार का भी पेट है। दुनिया में लोग सुरक्षित रहें, इसलिए आपको घर में रुकने का समय आ गया है, ऐसा मुख्यमंत्री ने कहा। कई लोगों ने मदद की शुरुआत की है। दिग्गज लोग अपना काम छोड़कर सरकार की मदद कर रहे हैं। फिल्म क्षेत्र, क्रीड़ा क्षेत्र के सभी लोग इस काम के लिए आगे आए हैं। इन सभी लोगों का आभार मानता हूं, ऐसा मुख्यमंत्री ने कहा।
कई निर्णय जनता के लिए, लिए जा रहे हैं। जनता अपना सहयोग दे, ऐसा कहते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अनेक लोगों ने सलाह दी है कि बस, रेलवे सेवा बंद करें, परंतु अत्यावश्यक सेवा में काम करनेवाले लोगों के आने-जाने की व्यवस्था वैâसे करेंगे? मनपा कर्मचारी, वाहन चालकों का क्या करेंगे? यह प्रश्न था। इसलिए तत्काल इस सेवा को बंद न करते हुए सरकारी कार्यालयों में २५ प्रतिशत कर्मचारियों को काम पर बुलाने का निर्णय लिया है। दो दिन पहले निर्णय लिया था कि ५० प्रतिशत कर्मचारी उपस्थित रहेंगे। ऐसा उद्धव ठाकरे ने लाइव प्रसारण में बताया।

जीवनावश्यक सेवा रहेगी शुरू
लोकल ट्रेन व बसें बंद नहीं
सभी निजी कार्यालय,
दुकानें बंद
पहली से ८ वीं तक की परीक्षा रद्द
सरकारी कार्यालयों में २५ज्ञ् उपस्थिति
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने किया नागरिकों से सहयोग का आह्वान