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लॉक डाउन में बांग्लादेश चली प्याज

मध्य रेल का भुसावल मंडल जो प्याज का एक प्रसिद्ध परिवहन केंद्र है। अब लॉक डाउन की इस अवधि में बांग्लादेश को प्याज निर्यात कर रहा है। प्याज की पहली रेक लासलगांव से 6 मई को रवाना हुई।

कोविड-19 महामारी के बाद से, रेलवे ने डेमरेज और वारफेज में छूट, मिनी रेक की बुकिंग के लिए दूरी प्रतिबंध में छूट और दो-बिंदु रेक, मानक रेक संरचना आदि की घोषणा की है। वाणिज्य और परिचालन विभागों द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भावी लोडरों के साथ गहन विपणन बैठकें आयोजित की जा रही है। इसका परिणाम यह हो रहा है कि बांग्लादेश (दा रसाना, बेनापोल और रोहनपुर स्टेशन) को प्याज का निर्यात शुरू हो गया है। भुसावल मंडल ने भारतीय रेलवे के विभिन्न स्टेशनों जैसे कि फतुहा, दनकुनी, चांगसारी, मालदा टाउन, चितपुर आदि पर प्याज लोड किया है।
लासलगांव से पहली प्याज की रैक 6 मई को रवाना हुई। बांग्लादेश के लिए खेरवाड़ी और निफाड़ से प्याज की दूसरी और तीसरी रेक भी भेजी गई है। 6 और रेक जल्द ही लासलगांव से बांग्लादेश के दरसाना तक भेजने की तैयारी में रेलवे है। इस बीच लोडरों को जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है।

लॉकडाउन में मरे ने किए 1 लाख से अधिक वैगन लोड
मध्य रेल ने मुंबई, नागपुर, भुसावल, सोलापुर और पुणे मंडलों में अपने प्रतिबद्ध कर्मचारियों के साथ लॉकडाउन केदौरान खाद्य अनाज, बिजली उत्पादन के लिए कोयले और अन्य आवश्यक वस्तुओं के 1,07,698 वैगन लोड किए हैं। रेलवे कर्मचारियों ने 24/7 आधार पर काम करके 45 दिन की अवधि के दौरान 2,192 रेक में माल लदान किया। मध्य रेलवे के अनुसार 39,892 वैगनों में कंटेनर, 46,471 वैगनों में कोयला, 504 वैगनों में खाद्यान्न, 626 वैगनों में चीनी, 9,355 वैगनों में पेट्रोलियम उत्पाद, 3,770 वैगनों में उर्वरक, 1,213 वैगनों में स्टील, 336 वैगनों में डी-ऑइल केक, 1,613 सीमेंट्स, 3,792 वैगनों में विविध वस्तुओं को मुंबई, नागपुर, भुसावल, सोलापुर और पुणे मंडल पर लोड किया गया है।