" /> लॉक डाउन में लटका कैंसेल ट्रेनों का रिफंड : संकट में आईआरसीटीसी के एजेंट

लॉक डाउन में लटका कैंसेल ट्रेनों का रिफंड : संकट में आईआरसीटीसी के एजेंट

लॉक डाउन के कारण जिन मेल एक्सप्रेस ट्रेनों के टिकट रेलवे ने रद्द कर दिए है उन ट्रेनों के टिकट निकालनेवाले आईआरसीटीसी के एजेंट अब संकट में आते हुए दिखाई दे रहे हैं। अब तक उन्हें रद्द ट्रेनों का रिफंड नहीं मिला है जबकि ग्राहक एजेंट से पैसे मांग रहे हैं। एजेंटों ने कई बार रेलवे से रिफंड को लेकर अपील की लेकिन इस समस्या का कोई ठोस हल नहीं निकल सका है, जबकि आईआरसीटीसी के अधिकारियों का कहना है कि प्रिंसिपल एजेंट के एकाउंट में पैसे रिफंड किए जा चुके हैं।

ये है मामला
लॉक डाउन के दौरान रद्द हुई ट्रेनों का रिफंड किया जा रहा है। टिकट खिड़की से बुक हुई टिकट का रिफंड तो रेलवे देगी लेकिन आईआरसीटीसी के एजेंट द्वारा बुक की गई टिकट का रिफंड अधर में लटक गया है। दरअसल, आईआरसीटीसी के नीचे देशभर में सौ से ज्यादा प्रिन्सिपल एजेंट काम करते हैं। इन प्रिन्सिपल एजेंट के नीचे रीटेल एजेंट होते हैं, जिनसे सामान्य लोग टिकट बुक कराते हैं। आईआरसीटीसी ने प्रिन्सिपल एजेंट के आरडीएफ अकाउंट में पैसा रिफंड किया है। ये अकाउंट वॉलेट जैसा होता है, जिससे दोबारा टिकट जारी हो सकते हैं, लेकिन कैश में रिफंड नहीं हो सकता है।

रीटेल एजेंट संकट में
मुंबई के एक प्रिन्सिपल एजेंट चिराग शाह का कहना है कि आरडीएफ अकाउंट में रिफंड का कोई मतलब नहीं। जब नई टिकट बुक ही नहीं हो रही है तो इस वॉलेट मनी का क्या करें? इसे रीटेल एजेंट को लौटाया नहीं जा सकता। रीटेल एजेंट सचिन अग्रवाल का कहना है कि पहले यात्री टिकट रद्द कराते थे, तो उन्हें टिकट बुक कराने वाले दूसरे यात्रियों का पैसा दे दिया जाता था। पूरा कारोबार रोटेशन में चलता था। अब 100% कैश कैसे लौटाएँ एजेंट के पास पैसे ही नहीं है। इसी तरह की समस्या अन्य एजेंटों की भी है।

कोर्ट का खटखटाएंगे दरवाजा
चिराग ने बताया कि जबसे पहला लॉकडाउन हुआ था, तब से रेलवे को इस मामले की जानकारी दी गई। रेलमंत्री के संज्ञान में मामला लाया गया, लेकिन कोई परिणाम नहीं निकला। मजबूरन प्रिंसिपल एजेंट मिलकर दिल्ली हाईकोर्ट की शरण में गए। कोर्ट ने आईआरसीटीसी को बैंक अकाउंट में पैसे रिफंड डालने का ऑर्डर दिया है। दो-तीन पहले ही यह ऑर्डर आया है जिसके बाद आईआरसीटीसी की ओर से कार्रवाई का इंतज़ार किया जा रहा है।
जाओ सबूत लाओ
आईआरसीटीसी के सूत्रों के अनुसार पैसे बैंक अकाउंट में रिफंड किए जा सकते हैं लेकिन प्रिंसिपल एजेंट को सुबूत देना होगा कि यात्रियों को पैसे वापस किए या नहीं। प्रिंसिपल एजेंट चिराग शाह का कहना है कि उन्हें क़रीब 40 हज़ार पीएनआर का रिफंड करना है। इतने लोगों का सुबूत देने का कोई तरीका नहीं है। इसी बीच रीटेल एजेंट सचिन अग्रवाल को अब भी यात्रियों के कॉल आ रहे हैं रिफंड के लिए। कुछ ने लीगल कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।