लोकतंत्र का गला घोंट रही हैं दीदी

लोकसभा चुनाव के दौरान पूरे देश में शांतिपूर्वक चुनाव संपन्न हो गया परंतु पश्चिम बंगाल में सबसे ज्यादा हिंसा देखने को मिली। परिणामस्वरूप कई बेकसूर लोगों को ममता बनर्जी के गुंडों ने मौत के घाट उतार दिया। उनका कसूर सिर्फ इतना था कि वे लोग भाजपा समर्थक थे। पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव में भाजपा की तरफ से भाग लेनेवाले कई उम्मीदवारों को मारकर पेड़ से लटका दिया गया। लोकसभा और पंचायत चुनाव संपन्न हो चुका है। इसके बावजूद आज भी आए दिन किसी-न-किसी भाजपा समर्थक को मारा-पीटा जा रहा है। इससे बढ़कर दुर्भाग्यपूर्ण बात और क्या हो सकती है? समाज सुधारक ईश्वरचंद्र विद्यासागर की मूर्ति को ममता के गुंडों ने तोड़ दिया। उसके बाद मूर्ति को तोड़ने का आरोप भाजपा पर लगा दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्षतिग्रस्त मूर्ति की जगह दूसरी मूर्ति लगाने का वादा किया था। परंतु ममता ने ईश्वरचंद्र की मूर्ति को आनन-फानन में अपना पाप छुपाने के लिए भाजपा से पहले मूर्ति को लगवा दिया। ममता बनर्जी कितनी घटिया राजनीति कर रही हैं इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है। भाजपा पश्चिम बंगाल में लोकसभा की दो सीट से बढ़कर १८ सीट पर पहुंच गई। ममता बनर्जी भाजपा के बढ़ते जनाधार से घबराकर पश्चिम बंगाल में गुंडों के बल पर सरकार बचाने की कोशिश कर रही हैं। ममता को अब लगने लगा है कि कहीं ऐसा न हो कि भाजपा पश्चिम बंगाल में हमसे सरकार छीन न ले। यही खास कारण है जो कि भाजपा समर्थकों के खिलाफ अभियान चला रखा है। चाहे जो भी हो पश्चिम बंगाल में बेकसूरों की हत्या पर केंद्र सरकार को रोक लगाना चाहिए। -श्यामनारायण मिश्र, मुंबई