लोकल की छत पर छैंया-छैंया, सैकड़ों को लगता है २५ हजार वोल्ट का झटका

अक्सर व्यस्ततम समय में ट्रेनों में होनेवाली भीड़ के चलते कई युवा यात्री लोकल ट्रेन की छत पर सफर करने से बाज नहीं आते और इसी लापरवाही के चलते अपनी जान गवां बैठते हैं। एक आरटीआई से प्राप्त जानकारी के मुताबिक पिछले पांच सालों में लोकल की छत पर छैंया-छैंया करने के चक्कर में २७२ लोगों को २५ हजार वोल्ट का झटका लगा है, इनमें से १३४ लोगों की मौत हो गई।
लोकल ट्रेन मुंबईकरों की लाइफ लाइन कही जाती है। यहां ७६ लाख से अधिक रेल यात्री रोजाना सफर करते है। मुंबई में रोजाना औसतन १० से १२ लोगों की मौत विभिन्न रेल हादसे में हो जाती है। शकील शेख द्वारा रेलवे से मांगी गई आरटीआई जवाब से प्राप्त जानकारी के मुताबिक साल २०१३ से मई २०१८ तक कुल १३४ लोगों की मौत हो गई जबकि १३८ लोग झुलसने से घायल हो गए। उपनगरीय मार्ग के पश्चिम रेलवे में २९ लोगों को और मध्य रेलवे में ७५ लोगों को २५ हजार वोल्ट का झटका लगने से मरे हैं।