लोकल में ब्लू अलर्ट, बत्ती जलते ही हो जाओ सावधान

मुंबई के उपनगरीय रेल मार्ग पर अक्सर देखा जाता है कि चलती लोकल ट्रेन पकड़ते वक्त यात्री हादसे का शिकार हो जाते हैं। इस तरह की घटना को रोकने के लिए मध्य रेलवे ने परीक्षण के तौर पर दो महीने पहले ट्रेन के गेट पर एक ब्लू लाइट लगाई थी। इस ब्लू लाइट का मतलब था कि इसके टिमटिमाते ही यात्री को ट्रेन में नहीं चढ़ना है। यात्रियों की सुरक्षा के लिए किए गए इस प्रयोग को जनता का अच्छा प्रतिसाद मिलने के बाद मध्य रेलवे द्वारा पूरे एक रेक में ब्लू अलर्ट लगा दिया गया है।
मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सुनील उदासी द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार शुक्रवार को एक पूरा रेक सर्विस में शामिल किया गया है, जिसमें यात्री सुरक्षा अलर्ट सिस्टम लगा हुआ है। इसे कुर्ला कारशेड में तैयार किया गया है, इससे पहले केवल एक डिब्बे के एक गेट पर अलर्ट लगाया गया था।

सभी ट्रेनों में होंगे अलर्ट!
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस तरह के अलर्ट सिस्टम लगाने से यात्रियों की आंखों और दिमाग पर असर पड़ता है। खतरे के समय अलर्ट को देखकर वो गलती करने से बचता है इसलिए ब्लू अलर्ट कारगर साबित होगा। इस सिस्टम में ब्लू लाइट की लेजर रोशनी प्लेटफॉर्म पर पड़ती है, जिसे देखते ही यात्री खुद अलर्ट हो जाता है। परीक्षण के दौरान हमें अच्छा प्रतिसाद मिला। अब पूरे रेक में सिस्टम लगने के बाद सिस्टम का असली टेस्ट होगा। भविष्य में हो सकता है सभी रेक में ऐसा सिस्टम लगाया जाए।

मौतों पर लगेगा अंकुश
मुंबई में रोजाना पटरी पर दर्जनों हादसे होते हैं, इनमें औसतन दस लोगों की मौत हो जाती है। प्लेटफॉर्म पर सीसीटीवी लगने के बाद अब ऐसे वीडियो सामने आने लगे हैं, जिनसे पता चलता है कि कई बार चलती ट्रेन को पकड़ने के चक्कर में हादसा हो जाता है। इस तरह के हादसों में जान जाने के साथ-साथ ट्रेनों के परिचालन में भी बाधा आती है लेकिन ब्लू अलर्ट से उम्मीद है कि चलती ट्रेन पकड़ने की घटनाओं में कमी आएगी।