" /> लोकल से दस गुना आगे निकली बेस्ट : एक दिन में 8 लाख यात्रियों को सेवा

लोकल से दस गुना आगे निकली बेस्ट : एक दिन में 8 लाख यात्रियों को सेवा

लॉकडाउन के दौरान मुंबई की परिस्थितियों में कई बदलाव देखने को मिले हैं। मुंबई लोकल में रोजाना 78 लाख यात्री सफर करते थे, वहीं अब बड़ी मुश्किल से रोजाना 80 हजार से एक लाख यात्री सफर कर रहे हैं, जबकि मुंबई लोकल से दस गुना ज्यादा यात्री बेस्ट की बस सेवा का लाभ उठा रहे हैं। बेस्ट अब रोजाना 2,800 से ज्यादा सेवाएं चलाने लगी है। इनमें 8 लाख यात्री सफर करने लगे हैं। गुरुवार को बेस्ट ने इन यात्रियों से 75,11,429 रुपए कमाए। 15 जून से सरकारी कर्मचारियों के लिए मुंबई लोकल की 362 सेवाएं चलाई गईं। अनलॉक के पहले दौर में किए गए इस प्रयोग में अब रोजाना यात्री संख्या का दस प्रतिशत आंकड़ा मुश्किल से पहुंचा है।

सहूलियत बढ़ाने की जरूरत
मुंबई लोकल की एक सर्विस में सुबह और शाम के पीक आवर्स में 3 से 4 हजार लोग यात्रा करते थे। यदि मौजूदा आंकड़े देखें, तो यदि माना जाए दिनभर में एक लाख यात्री लोकल की सेवा ले रहे हैं, तो एक सर्विस में औसतन 275 लोग यात्रा कर रहे हैं। एक रेलवे के अधिकारी ने बताया कि 362 सेवाओं का पूरा उपयोग नहीं हो पा रहा है। एक लोकल ट्रेन में यदि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें, तो भी 500 लोग यात्रा कर सकते हैं। इस लिहाज से दिनभर में करीब 1.8 लाख यात्री सफर का सकेंगे। आंकड़ा 2 लाख यात्री प्रतिदिन भी पहुंच सकता है। ऐसे में राज्य सरकार बैंकिंग सेक्टर को अनुमति दे सकती है। राज्य सरकार हो सकता है दफ्तरों में सरकारी कर्मचारियों की उपस्थिति भी बढ़ा दें।

बेस्ट ने संभाला मोर्चा
दूसरी ओर बेस्ट में जब यात्रियों की संख्या बढ़ी, तो कमाई में भी इजाफा हुआ। बेस्ट ने गुरुवार को 75 लाख रुपए की कमाई की। इस दौरान करीब 2,854 बेस्ट की बसें मुंबई की सड़कों पर दौड़ी। बेस्ट से मिले आंकड़ों के अनुसार गुरुवार को कुल 8,01,739 यात्रियों ने सफर किया। स्पष्ट तौर पर लोकल ट्रेनें चलने के बाद फीडर रूट का फायदा और लोकल से वंचित लोगों का लाभ बेस्ट को मिल रहा है। बेस्ट प्रशासन को उम्मीद है कि जल्द ही ये आंकड़ा 10 लाख के पार पहुंच जाएगा। लोकल नहीं चलने से पहले लॉकडाउन पीरियड में बेस्ट रोजाना करीब 2.5 लाख यात्रियों को सेवा देती थी।