" /> वंदे भारत’ अभियान के अंतर्गत 4 हजार से अधिक नागरिक महाराष्ट्र वापस आए

वंदे भारत’ अभियान के अंतर्गत 4 हजार से अधिक नागरिक महाराष्ट्र वापस आए

जून के अंत तक 26 फ्लाइट्स का नियोजन
मिशन के अंतर्गत अतिरिक्त चार्टर फ्लाइट की व्यवस्था

‘वंदे भारत’ अभियान के अंतर्गत महाराष्ट्र में 30 फ्लाइटस के माध्यम से 19 देशों से 4,013 नागरिक वापस लाए गए, जिसमें सबसे अधिक संख्या मुंबई के नागरिकों की है। मुंबई के प्रवासियों की संख्या 1,309 है, जबकि बाकी महाराष्ट्र के प्रवासियों की संख्या 1,691 है। अन्य राज्य के प्रवासियों की संख्या 1,013 है। सभी नागरिकों को आइसोलेट किया गया है। जून, 2020 के अंत तक साधारणतः 26 फ्लाइट्स का नियोजन किया गया है। इसके अलावा इस मिशन के तहत अतिरिक्त चार्टर फ्लाइटस की व्यवस्था की गई है।
मुख्यमंत्री सचिवालय (जनसंपर्क कक्ष) की ओर से मिली जानकारी के अनुसार वापस आए लोगों में मुंबई के यात्रियों की संख्या 1,309 है। शेष महाराष्ट्र में यात्रियों की संख्या 1,691 है और अन्य राज्यों के यात्रियों की संख्या 1,013 है। जून के अंत तक लगभग 38 फ्लाइट्स का नियोजन किया गया है। ‘वंदे भारत’ अभियान के चरण-3 के अंतर्गत एयर इंडिया ने 30 जून, 2020 तक 38 फ्लाइट्स का नियोजन किया है। इसके अलावा अतिरिक्त चार्टर फ्लाइट्स की व्यवस्था की गई है। जो अमेरिका, रशिया, मध्य एशिया, युरोप और अन्य बड़े देशों में मांग के अनुसार उड़ान भरने का समावेश है। दोहा स्थित खाड़ी देशों में फंसे भारतीयों को आगामी सात दिन में चार्टर फ्लाइट्स से वापस भारत लाया जाएगा। ऑस्ट्रेलिया के लिए ‘वंदे भारत’ अभियानांतर्गत फ्लाइट उपलब्ध करके देने के लिए विदेश मंत्रयलय से मांग की गई है।
अब तक महाराष्ट्र में ब्रिटेन, सिंगापुर, फिलीपींस, संयुक्त राज्य अमेरिका, बांग्लादेश, मलेशिया, कुवैत, इथियोपिया, अफगानिस्तान, ओमान, दक्षिण अफ्रीका, इंडोनेशिया, नीदरलैंड, जापान, श्रीलंका, म्यांमार और तंजानिया से यात्रियों को वापस लाया गया है। ग्रेटर मुंबई में यात्रियों के लिए होटल में क्वारंटाइन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। जिला मुख्यालय के माध्यम से लोगों को उनके जिलों में भेजने की व्यवस्था की जा रही है। प्रशासन क्वारंटाइन किए गए लोगों पर कड़ी नजर रख रहा है और इसे सख्ती से लागू किया जा रहा है। अन्य राज्यों के यात्रियों को संबंधित राज्य से परिवहन पास प्राप्त होने तक मुंबई में क्वारंटाइन केंद्र में रखा जाता है। संबंधित राज्य से यात्री पास मिलते ही उन्हें उनके गृह राज्य वापस भेज दिया जाता है। महाराष्ट्र सरकार केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और केंद्रीय गृह मंत्रालय के समन्वय में ‘वंदे भारत’ अभियान को सफलतापूर्वक चला रही है।