" /> वर्क शॉप में पति, घर में डटी हैं महिलाएं : बनाए 1,20,000 घरेलू मास्क

वर्क शॉप में पति, घर में डटी हैं महिलाएं : बनाए 1,20,000 घरेलू मास्क

कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए देश में लॉक डाउन है। ऐसे में रेलवे के कर्मचारी वर्क शॉप, यार्ड, डिपो में रात दिन कोरोना मरीजो के इलाज के उपयोग में लाए जानेवाले उपकरण जैसे जरूरी सामान तैयार करने में लगे हैं। वहीं रेल कर्मचारियों की पत्नियां भी संकट की इस घड़ी में रेलवे के साथ कदम से कदम मिलाकर घरों में डटी हैं। यही कारण है कि वर्क शॉप में पति और घर मे महिलाएं डटी रहकर 1 लाख 20 हजार से अधिक मास्क 20 अप्रैल तक तैयार कर दिया है।

कोरोना वायरस, लॉक डाउन की शुरुआत से ही भयंकर कोविड-19 के संक्रमण से बचाव के लिए रेलवे के वर्क शॉप में मास्क और हैंड सैनिटाइजर की कमी को देखते हुए पश्चिम रेलवे के सभी मंडलों के कर्मचारियों ने घरेलू मास्क तैयार करने का बीड़ा उठाया है। पश्चिम रेलवे के लोअर परेल कारखाने के कर्मचारियों ने 20,000 से अधिक मास्क तैयार किए हैं और अहमदाबाद मंडल के यांत्रिक विभाग एवं कांकरिया कोचिंग डिपो के कर्मचारियों ने 1500 से अधिक घरेलू मास्क तैयार करने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। इस भयानक महामारी कोरोना के वायरस से बचाव के लिए जारी संघर्ष के दौरान पश्चिम रेलवे ने 20 अप्रैल, 2020 तक 1,20,325 घरेलू मास्क और 10,359 लीटर सैनिटाइजर तैयार करके अपने उल्लेखनीय उत्साह और कारगर प्रयासों को बखूबी दर्शाया है।
पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी रविंद्र भाकर के अनुसार लोअर परेल कारखाने की टीम ने प्रतिकूल परिस्थितियों के बावज़ूद निरंतर दिन-रात कार्य करते हुए रेलवे बोर्ड द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार कम से कम 320 रोगियों के लिए 40 पैसेंजर कोचों को आइसोलेशन वार्ड में बदलने का कार्य रिकॉर्ड समय में पूरा किया है। यह कोच 60 ऑक्सीजन सिलेंडर ट्रॉलियों, मॉस्किटो नेट, पार्टीशन, परदों और डस्टबिन से सुसज्जित है। लोअर परेल कारखाने के रेल कर्मचारियों ने विश्व स्वास्थ्य संगठन के दिशा निर्देशों के अनुसार अपने अन्य प्रयासों के ज़रिए अस्पतालों के लिए पेशेंट-बेड, शू- कवर सहित 25 कवरऑल, 20,250 फेस मास्क, मेडिकल स्टाफ के लिए कपड़ों के 20 सेट, 100 कैप और 410 लीटर हैंड रब भी तैयार किए हैं। ये सभी कार्य रेलवे के अस्पतालों की जरूरतों को पूरा करने के लिए कारखाना कर्मचारियों द्वारा लॉक डाऊन अवधि के दौरान रिकॉर्ड समय में पूरे किए गए। रेल कर्मचारियों के परिवारों ने भी अस्पताल कर्मचारियों के लिए अपने घरों में मास्क, कपड़े और कैप तैयार करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है।