" /> ‘वसई को छोड़कर अन्य तालुकाओं को ऑरेंज जोन घोषित किया जाए’ : मुख्यमंत्री को राजेंद्र गावित ने लिखा पत्र

‘वसई को छोड़कर अन्य तालुकाओं को ऑरेंज जोन घोषित किया जाए’ : मुख्यमंत्री को राजेंद्र गावित ने लिखा पत्र

पालघर लोकसभा सांसद राजेंद्र गावित ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि पालघर जिले के वसई तहसील में कोरोना वायरस का प्रकोप है, इसके लिए पूरे जिले को रेड जोन में न डाला जाए। उन्होंने यह भी कहा है कि जिले में बोईसर एमआईडीसी इंडस्ट्रियल बेल्ट में कई हजार मजदूर फैक्ट्री खुलने के इंतजार में बैठे हैं। बोईसर एमआईडीसी महाराष्ट्र ही नहीं, बल्कि देश के बड़े इंडस्ट्रियल हब में से एक है। इसी तरह आदिवासी पट्टे के जव्हार तालुका, विक्रमगढ़ तालुका, मोखाडा तालुका में भी कोई मरीज नहीं है। पालघर जिले की कुल 6 तहसीलों में सिर्फ वसई तहसील, जिसमें नालासोपारा, वसई और विरार आते हैं, उन्हें ही रेड जोन में रखा जाए। अन्य 5 तालुकाओं में पालघर, विक्रमगढ़, मोखाडा, वाड़ा, जव्हार आदि को ऑरेंज जोन में डाला जाए। ताकि कंस्ट्रक्शन, मिल, फैक्टरी, ईंट भठ्ठे का काम शुरू हो सके और हजारों-लाखों मजदूरों को रोजगार मिलने के साथ ही उनकी रोजी-रोटी चल सके। इस मामले में राष्ट्रीय मजदूर यूनियन के महाराष्ट्र अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह राज ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार को मजदूरों और विभिन्न विभाग के कार्यालय कर्मचारियों के बारे में सोचना चाहिए। यदि पालघर, वाड़ा, जव्हार, मोखाडा और विक्रमगढ़ तहसील को ऑरेंज जोन में रखा जाता है तो वहां के मजदूरों को पलायन करने से रोका जा सकता है और साथ ही उद्योग-धंधों को चालू किया जा सकता है, जिससे वहां आर्थिक स्थिति का संकट भी नहीं होगा।