" /> वाइन शॉप के बाहर लगी लंबी कतार : भीड़ नियंत्रण करना पुलिस के लिए बनी चुनौती

वाइन शॉप के बाहर लगी लंबी कतार : भीड़ नियंत्रण करना पुलिस के लिए बनी चुनौती

लॉकडाउन-3 के बढ़ने के साथ ही सरकार ने कई जगहों पर कुछ रियायत देने का फैसला किया है। इसमें शराब की दूकानों को खोलने की मंजूरी दे दी गई है। ये खबर मिलते ही मानों शराबियों में एक नई जान-सी आ गई है। उत्तर मुंबई एवं दक्षिण मुंबई के कई इलाकों में लोग सोमवार सुबह से ही वाइन शॉप्स के बाहर लंबी कतार में खड़े हुए दिखाई दिए। उनके चेहरे पर एक खुशी झलक रही थी। कुछ जगहों पर सोशल डिस्टेंसिंग को अनदेखा किए जाने के मामले सामने आए। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवाने का जिम्मा भी पुलिस के हाथों में है। पहले से ही नाकाबंदी एवं बंदोबस्त के दौरान अधिक काम कर रही पुलिस के लिए यह नई चुनौती उभरकर सामने आई है।
मुंबई में करीब 20 मार्च से ही लॉकडाउन जैसे हालात शुरू हो गए थे। सभी गैर जरूरी दुकानों को भी बंद रखा गया था। शराब की दुकानें लगभग 45 दिनों से बंद थीं। लेकिन सरकार की तरफ से जारी किए आदेश में इसे खुला रखने का फैसला किया गया। कई लोग ऐसे हैं जो सब्जियां खरीदने के लिए निकलते हैं लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करते हैं, ऐसे में शराब की दुकान के बाहर सामाजिक दूरी बनाकर रखना एक चुनौतीपूर्ण कार्य होगा। मुंबई के मालाड, माटुंगा इलाके में लोग सुबह से ही भीड़ जमाए हुए थे। हालांकि अभी तक स्थानीय प्रशासन की ओर से सर्कुलर जारी न होने की वजह से सभी दुकानें बंद नजर आईं। यहां पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर घर भेजने का काम किया।
एक रिपोर्ट में बताया गया है कि देशभर में लॉकडाउन की वजह से घरेलू हिंसा की वारदात में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि अगर ऐसे में शराब की दुकानों को खोलने का फैसला किया गया है, तो घरेलू हिंसा की वारदात बढ़ने की अधिक संभावना है। अक्सर कई लोग शराब के नशे में होने के कारण सड़कों पर मार-पीट करते हुए नजर आते हैं, इसके अलावा अपने परिवार या पत्नी से गाली-गलौज करते हुए मार-पीट पर उतर आते है। इन सबसे निपटना पुलिस के लिए एक चुनौती भरा कार्य साबित होगा। इससे कानून-व्यवस्था बिगड़ने का खतरा बना रहेगा।