" /> वादा निभाने के लिए बेचे बीवी के जेवर

वादा निभाने के लिए बेचे बीवी के जेवर

वादा करना यानी वचन देना। अगर आपने किसी से वादा किया है तो इसका मतलब ये है कि आपने सामनेवाले को वचन दिया है और आप उस वचन को पूरा करोगे। अगर कोई वादा करके उस वचन को नहीं निभाता तो सामनेवाले का उस पर से विश्वास उठ जाता है और वादा करनेवाला व्यक्ति झूठा साबित हो जाता है। लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं जो वादा करके उसे निभाते हैं फिर चाहे उस वादे को निभाने के लिए उन्हें बड़ी से बड़ी कुर्बानी क्यों न देनी पड़े।
बात ४० के दशक की है। उस समय निर्माता-निर्देशक केदार शर्मा कई प्रतिभाओं को अपनी फिल्म में अभिनय का मौका देते थे। फिल्मी दुनिया के लोग उनका काफी आदर और सम्मान करते थे। वे राज कपूर के गुरु थे और अपने फिल्मी करियर की शुरुआत में राज कपूर केदार शर्मा के असिस्टेंट हुआ करते थे। केदार शर्मा ने अपनी फिल्म ‘बसंत’ में बेबी मुमताज को काम दिया। बेबी मुमताज की प्रतिभा से प्रभावित होकर केदार शर्मा ने बेबी मुमताज को अपनी फिल्म ‘धन्ना भगत’, ‘चांद चकोरी’ तथा ‘मुमताज महल’ में काम दिया। जब बेबी मुमताज १४ वर्ष की हो गर्इं तब एक दिन केदार शर्मा ने बेबी मुमताज के पिता अताउल्ला खां से कहा कि मैं अपनी अगली फिल्म में आपकी बेटी मुमताज को बतौर हीरोइन लेना चाहता हूं। अताउल्ला ने खुश होकर केदार शर्मा को अपनी सहमति दे दी। उस दौरान केदार शर्मा की फिल्म ‘सुहागरात’ हिट हो चुकी थी। केदार शर्मा की फिल्म में फाइनेंसर पैसा लगाने के लिए तैयार रहते थे। केदार शर्मा ने अपनी फिल्म ‘नील कमल’ शुरू की। ‘नील कमल’ के लिए एक फाइनेंसर ने २५ हजार रुपए केदार शर्मा को दिए। केदार शर्मा ने राज कपूर को बतौर हीरो लिया। तब फिल्म फाइनेंसर ने केदार शर्मा से कहा कि राज कपूर के सामने कोई जानी-पहचानी हीरोइन को लें क्योंकि राज कपूर तो नहीं हैं ही और ये लड़की मधुबाला (बेबी मुमताज) भी नई है। फाइनेंसर हीरोइन बदलने के लिए अड़ गया। लेकिन केदार शर्मा अपना वादा टालना नहीं चाहते थे। उन्होंने फाइनेंसर को बहुत समझाया लेकिन उसने केदार शर्मा की एक न मानी। हीरोइन न बदलने पर उसने केदार शर्मा से अपने २५ हजार रुपए वापस मांग लिए। केदार शर्मा अपने उसूल के पक्के थे। उन्होंने अपने पत्नी के जेवर बेचकर उस फिल्म फाइनेंसर के २५ हजार रुपए लौटा दिए और फिल्म ‘नील कमल’ को पूरा किया। केदार शर्मा ने ही बेबी मुमताज को फिल्मों की ‘मधुबाला’ बना दिया।