" /> वाराणसी में एटीएस की छापेमारी, लंका इलाके से धराया कुख्यात नक्सली बच्चाप्रसाद

वाराणसी में एटीएस की छापेमारी, लंका इलाके से धराया कुख्यात नक्सली बच्चाप्रसाद

आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) की वाराणसी इकाई को शुक्रवार को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। एटीएस वाराणसी ने बिहार निवासी एक माओवादी नेता बच्चा प्रसाद को लंका इलाके के छि‍त्‍तूपुर से दबोच लिया है।
बिहार के मुजफ्फरपुर के एक प्रकरण में वांछित होने के कारण बिहार पुलिस ने एटीएस से उसकी गिरफ्तारी के संबंध में मदद मांगी थी। फिलहाल पकडे गए माओवादी से पूछताछ की जा रही है। पकड़ा गया माओवादी पूर्वांचल में माओवाद की जड़ें मज़बूत करने का काम कर रहा था।
भाकपा (माओवादी) पोलित ब्यूरो सदस्य बच्चा प्रसाद ने पूर्वांचल में अपने संगठन की बुनियाद तैयार करने के लिए बनारस में ठिकाना बनाया था।
वाराणसी की एटीएस इकाई ने शुक्रवार की रात लंका थानाक्षेत्र के छित्तूपुर के एक मकान में छापेमारी कर बिहार निवासी बच्चा प्रसाद को हिरासत में ले लिया। बच्चा प्रसाद लगभग डेढ़ साल से छित्तूपुर में किराये पर कमरा लेकर पत्नी हीरामणि उर्फ आशा के साथ रह रहा था।
मिली जानकारी के अनुसार बच्चा की बेटी बीएचयू में पढ़ती थी। इस वजह से उसे किराये पर कमरा लेने में कोई दिक्कत नहीं हुई। सरल और मिलनसार स्वभाव के बच्चा की गतिविधियां कभी इस तरह की नहीं दिखीं कि उस पर आसपास रहने वालों को शक हो। बच्चा की बेटी मौजूदा समय में नई दिल्ली में रह कर एमए की पढ़ाई कर रही है और बेटा पटना में स्नातक की पढ़ाई कर रहा है।
बच्चा मिर्जापुर, सोनभद्र और चंदौली के नक्सल प्रभावित इलाकों के कुछ लोगों के संपर्क में भी था। बच्चा के पास से बरामद मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाली जा रही है। बताया जा रहा है कि आगामी दिनों में बच्चा से जुड़े कुछ अन्य लोग भी गिरफ्तार किए जाएंगे।
बता दें कि बच्चा की पत्नी हीरामणि को उसके साथ मुजफ्फरपुर जिले की पुलिस ने वर्ष 2014 में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। बच्चा प्रसाद 2008-09 में भाकपा (माओवादी) की उत्तर प्रदेश की स्टेट आर्गनाइजिंग कमेटी का प्रभारी था।
2010 में बच्चा को कानपुर से उसके आठ साथियों के साथ गिरफ्तार किया गया था। वर्ष 2016 में बच्चा जमानत पर बाहर आया। वर्ष 2018 में बिहार पुलिस ने एक नक्सली घटना के संबंध में बच्चा को गिरफ्तार किया। जमानत मिली तो वह भूमिगत हो गया और ठिकाने बदलते हुए पत्नी के साथ बीएचयू में पढ़ने वाली बेटी के पास चला आया।
एटीएस के अधिकारियों के अनुसार, भाकपा (माओवादी) के पोलित ब्यूरो के देश भर में 13 सदस्य हैं, उनमें से एक बच्चा भी है। बच्चा की मुख्य जिम्मेदारी नक्सली साहित्य तैयार करने के साथ ही संगठन से नवयुवकों को जोड़ने की थी। इसके साथ ही नक्सली गतिविधियों को अंजाम देने के लिए विस्फोटक सामग्री कहां से आसानी से मिलेगी और किस मार्ग से आना-जाना ठीक रहेगा, संगठन के लोगों को यह बताना भी बच्चा की ही जिम्मेदारी थी।
बच्चा अपने संगठन के चुनिंदा लोगों से पत्राचार के माध्यम से संदेशों का आदान-प्रदान करता था और बिहार व झारखंड में आयोजित गुप्त बैठकों में शामिल होता था।