वास्तु-तथास्तु

– सप्ताह में कम से कम एक बार गंगाजल या गौमूत्र से घर में छिड़काव करें।
– घर में सकारात्मक ऊर्जा के लिए मधुर झंकार देने वाली वस्तु को घर के प्रवेश द्वार पर टांग सकते हैं। पांच से ज्यादा छड़ें हों तो बेहतर।
– मधुर संगीत उत्पन्न करने वाली घड़ी घर में ऊर्जा का संतुलन बनाती है लेकिन ऐसी घड़ी घर के बाहर बरामदे में या गैलरी में नहीं लगानी चाहिए।
– भगवान का चित्र आवासीय एवं व्यावसायिक दोनों ही स्थानों पर रखा जाना चाहिए। इससे सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
– सप्ताह के किसी एक दिन घर की साफ-सफाई करने के बाद एक बाल्टी पानी में थोड़ी शक्कर और दूध डालकर कुश से उसका छिड़काव पूरे घर में करें। आखिर में शेष पानी को दरवाजे की दोनों ओर थोड़ा-थोड़ा डाल दें। इससे वास्तुशुद्धि होती है।