" /> वास्तु-तथास्तु

वास्तु-तथास्तु

कभी भी गेस्टरूम में भारी लोहे का सामान नहीं रखना चाहिए। इस अवस्था में मेहमान तनाव महसूस कर सकता है। आप इस रूम को ज्यादा से ज्यादा खाली रखें। इसके लिए आप फोल्डिंग बेड, सोफा कम बेड या दो अलग-अलग बेड का भी इस्तेमाल कर सकते हैं, जिससे कमरा भरा-भरा भी नहीं दिखेगा व सुविधायुक्त भी रहेगा। जहां तक हो सके कमरे में एक ऐसी अलमारी की व्यवस्था हो, जिसमें मेहमान अपना सामान रख सकें।
 बहुत से घरों में देखा गया है कि जहां ऐसी पेंटिंग लगी होती है जिसमें क्या है यह कोई नहीं जानता या उसमें खंडहर, सूखे ठूंठ, मानवरहित उजाड़ शहर, बिखरा हुआ घर या सूखा बंजर पहाड़ नजर आता है। ऐसी पेंटिंग नकारात्मकता फैलाती है।
जिस घर का मुख्य दरवाजा छोटा और उसके पीछे का दरवाजा बड़ा होता है तो यह भी वास्तुदोषी माना जाएगा। इससे घर में आर्थिक परेशानियां रहती हैं। भारतीय वास्तुशास्त्र के अनुसार घर का मुख्यद्वार घर के अन्य सभी दरवाजों से बड़ा होना चाहिए और घर के तीन द्वार एक सीध में नहीं रखने चाहिए। दरवाजे के भीतर दरवाजा नहीं बनाना चाहिए। घर के ऊपरी माले के दरवाजे निचले माले के दरवाजों से कुछ छोटे होने चाहिए।
सुबह की पूजा में जब आप मोगरे या लैवेंडर की खुशबू वाली धूप-अगरबत्तियों का प्रयोग करेंगे तो उसके प्रभाव से आपकी इच्छा करने आराम करने की हो सकती है। इस खुशबू का रोजाना इस्तेमाल आपको आलस्य व निद्रा का अहसास दिला सकता है अत: किसी भवन, खासकर औद्योगिक इकाई में, जहां कई लोग एकसाथ मशीनों आदि पर कार्य करते हों, वहां इन खुशबुओं का प्रयोग नहीं करना चाहिए। सायंकालीन पूजा में इनका प्रयोग किया जा सकता है।
दीपक की लौ पूर्व दिशा की ओर रखने से आयु में वृद्धि होती है। दीपक की लौ पश्चिम दिशा की ओर रखने से दु:ख बढ़ता है। दीपक की लौ उत्तर दिशा की ओर रखने से धनलाभ होता है। दक्षिण दिशा की ओर रखने से हानि होती है।
सप्ताह में एक दिन घर में घी का दीपक व कपूर जलाएं।

घर का वैद्य

१) होली खेलने के बाद त्वचा का रंग छुड़ाने के लिए बेसन और दही का प्रयोग करें या फिर बेसन में तेल मिलाकर इसे त्वचा पर रगड़ें। इससे काफी हद तक रंग का दुष्प्रभाव कम होगा।
२) एलोवेरा आपको त्वचा की एलर्जी से बचाने में बेहद फायदेमंद साबित होगा। इसके लिए एलोवेरा जेल निकालकर इसे फेसपैक के रूप में चेहरे पर लगाएं और सूखने पर धो लें।
३) नीम फेसपैक भी त्वचा की एलर्जी से बचने के लिए एक कारगर उपाय है। नीम की पत्तियों को पीसकर चेहरे पर लगाएं और सूखने के बाद इसे ठंडे पानी से धो लें।
४) कच्चे दूध में गुलाबजल, चंदन पाउडर, थोड़ा सा बेसन और एक चुटकी हल्दी मिलाकर पेस्ट बनाएं और इसे चेहरे पर लगाएं। जब यह सूख जाए तो इसे ठंडे पानी से धो लें।
५) सबसे पहले मसूर की दाल को अच्छी तरह से धो लें। इसके बाद इसे दूध में भिगोकर रख दें। ३ से ४ घंटे भीगने के बाद आप इसका अच्छा पेस्ट बना लें और कच्चा दूध इसमें मिलाएं। अब इस पेस्ट को अपने चेहरे पर लगाकर १५ मिनट तक अच्छे से सूखने दें और फिर धो लें। इस पेस्ट से आपके चेहरे से रंग तो निकलेगा ही, साथ ही आपके चेहरे पर यह निखार भी लाएगा।
६) उड़द की दाल को रातभर भिगोकर रख लें, साथ ही बादाम भी भिगोकर रखें। अगले दिन इन दोनों को पीसकर इनका पेस्ट बना लें। इस पेस्ट में १ चम्मच दूध मिला लें। अब इसे अपने चेहरे पर लगाकर छोड़ दें, फिर ठंडे पानी से चेहरा साफ कर लें।
७) चेहरे पर से रंग को निकालने के लिए साबुन या फेसवॉश का इस्तेमाल बहुत ज्यादा न करें और अपने चेहरे को बहुत रगड़ने से भी बचें।
८) फेसवॉश या साबुन की अपेक्षा आप अगर उबटन का इस्तेमाल करें तो यह आपकी त्वचा को नुकसान नहीं पहुंचाएगा।
९) होली खेलने जाने के पहले बालों में और शरीर पर हल्का नारियल तेल की मालिश कर लें।
१०) होली खेल कर आने के बाद हल्के गरम पानी का गरारा अवश्य कर लें। ठंडई पीने के कारण, धूप में पानी से भीगने के कारण इंफेक्शन की संभावना रहती है। वह गरारे करने से दूर हो जाएगी।