विदेशी धरती पर बोर्ड का चक्रव्यूह

टीम इंडिया का विदेशी धरती पर अक्सर निराशाजनक प्रदर्शन रहता है। खासकर टेस्ट मैचों में वो घरेलू मैदानों के मुकाबले विदेशी जमीन पर फिसड्डी है, ऐसा क्या किया जाए कि टीम इंडिया विदेश में भी जीतों का पहाड़ बनाए। ये प्रश्न बोर्ड के मन में बरसों से था, ऐसे-ऐसे फॉर्मूलों पर काम भी हुआ, जिसमें विदेशी धरती पर टीम जीत सके। मगर सब के सब निरर्थक साबित हुए। भला हो हाल के दक्षिण अफ्रीकी दौरे का जिसने बोर्ड के मन और टीम इंडिया के खिलाफ बने हुए सवाल को हल कर दिया है। अब बोर्ड ने विदेशी धरती पर अपनी तरह का एक चक्रव्यूह बनाया है, जिससे हो सकता है कि टीम के खिलाड़ी विदेशी आबोहवा के अनुकूल हो जाएं और टेस्ट मैचों की सीरीज आते-आते वो इतने मंझ जाए कि उन्हें विपक्षी टीम को हराने में कठिनाई न हो। बोर्ड द्वारा तो चक्रव्यूह बना ही, मगर इधर खिलाड़ियों में भी विदेशी जीत की भूख बढ़ चुकी है इसीलिए वे अपनी तरह से इसकी तैयारी में लगे हुए हैं। वो सोचते हैं कि विदेशी धरती पर ऐसा क्या हो जाए कि टीम को जीत नसीब हो।
दक्षिण अफ्रीका सीरीज पर शानदार प्रदर्शन करनवाले िंहदुस्थानी बल्लेबाज अंजिक्य रहाणे का मानना है कि साउथ अफ्रीका में गेंदबाजों के अच्छे प्रदर्शन करने के बाद अब इंग्लैंड के खिलाफ होनेवाली पांच टेस्ट मैचों के दौरे में टीम इंडिया का मनोबल बढ़ेगा। हालांकि एक सामान्य बात है। रहाणे ने कहा कि हम सभी जानते हैं कि हमारे पास ऐसे खिलाड़ी मौजूद हैं, जो दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और इंग्लैंड में शानदार प्रदर्शन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए तैयारियां आवश्यक होती हैं क्योंकि इससे टीम लय में आ जाती है। हिंदुस्थानी बल्लेबाज रहाणे के अनुसार, साउथ अफ्रीका में हमारे गेंदबाजों का ६० विकेट लेना बहुत अच्छा रहा। जिस तरह से हमारे तेज गेंदबाजों और स्पिनर्स ने बॉलिंग की, उससे हम और अधिक बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद कर सकते हैं। रहाणे ने कहा कि विदेश दौरे पर टीम को हमेशा कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ता है। यह हमेशा से हर खिलाड़ी के लिए निजी चुनौती भी होती है इसलिए इस बार हमने आपस में बात की कि आगे से हम विदेशी मैदानों पर यह सोचकर खेलेंगे कि यह हमारा घरेलू मैदान है। साउथ अफ्रीका के खिलाफ हम इसी रणनीति के साथ मैदान पर उतरे। वहीं पूर्व कप्तान सौरव गागुंली ने भी कहा कि हिंदुस्थानी टीम के पास अब ऐसे तेज गेंदबाज मौजूद हैं, जिनमें विदेशों में जीत दिलाने की क्षमता मौजूद है। उन्होंने कहा कि टीम में हमेशा ऐसे बल्लेबाज रहे हैं, जो ४०० रन बना सकते हैं।
एक ओर जहां खिलाड़ियों में विदेशी जमीन को लेकर चिंता है, वहीं हिंदुस्थानी क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड का चक्रव्यूह तैयार है। उसने एक बड़ा और अहम फैसला लिया है। दरअसल टीम इंडिया अब विदेशी दौरों पर टेस्ट सीरीज से पहले सीमित ओवरों की शृंखला खेलेगी ताकि खिलाड़ियों को वहां के माहौल में ढलने का समय मिल सके और वे वहां की परिस्थितियों से तालमेल बिठा सकें। बीसीसीआई के सीईओ राहुल जौहरी ने कहा कि इस समस्या का हल निकाल लिया गया है और अब जब इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया दौरे पर हिंदुस्थानी टीम जाएगी तो पहले सीमित ओवरों की शृंखला खेलेगी। जौहरी ने कहा कि टीम मैनेजमेंट से हमें जो फीडबैक मिला है वो एक गंभीर मुद्दा है। हिंदुस्थानी टीम को अगला विदेशी दौरा इंग्लैंड का करना है और हम वहां एक महीने पहले पहुंचेंगे। हिंदुस्थानी टीम पहले सीमित ओवरों की सीरीज खेलेगी उसके बाद टेस्ट सीरीज खेलेगी। इससे टीम वहां की परिस्थितियों में भलीभांति ढल जाएगी। राहुल जौहरी ने आगे कहा कि सर्दियों में हिंदुस्थानी टीम को ऑस्ट्रेलिया का दौरा करना है। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया और हिंदुस्थानी क्रिकेट बोर्ड के साथ एक समझौता हुआ है कि हिंदुस्थानी टीम टेस्ट मैच से पहले सीमित ओवरों की सीरीज खेलेगी। इसका फायदा ये होगा कि टीम को वहां के माहौल में ढलने का समय मिल सकेगा। उन्होंने यह भी बताया कि हिंदुस्थानी टीम के फ्यूचर टूर प्रोग्राम को एडवांस में ही बता दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभी ४ सालों की एफटीपी चलती है। इस पीरियड में हमने कुछ बदलाव किए हैं लेकिन अब आप पहली बार दिन और तारीख के हिसाब से हिंदुस्थानी टीम के दौरों का कैंलेंडर देखेंगे, तो आपको अगले ५ साल का कार्यक्रम पहले से ही पता होगा।
यह एक अच्छी पहल है और इस पहल का लाभ यदि जीत में तब्दील होता दिखा तो समझो ये एक स्थाई कार्यक्रम हो जाएगा। चक्रव्यूह तो तैयार है। अब इंग्लैंड दौरा है और इसी दौरे से टीम इंडिया को तैयार होने की गुंजाइश है। इंग्लैंड दौरा सबसे कठिन माना जाता है, जहां का वातावतरण हिंदुस्थानी मौसम से बिल्कुल उलट है और मैदान पर गेंद स्विंग भी करती है, नमी की वजह से आउट लाइन की फील्डिंग भी कठिन होती है। बल्लेबाजों को खेलने में दिक्कत भी आती है और ऐसे मौसम में खुद को ढालने के लिए वक्त चाहिए होता है, तब तक सीरीज गंवा दी जाती है किंतु शायद अब ऐसा नहीं होगा। अब बोर्ड के चक्रव्यूह के अनुसार और रहाणे की सोच की तरह मैदान में उतरनेवाली टीम इंडिया अंग्रेजों को भी परास्त करने का दमखम रख सकेगी। देखना दिलचस्प होगा इस नई रीत और नए चक्रव्यूह के नतीजे।