" /> विदेशों में निर्यात बंद पड़ा हापुस को रोना,  १० हजार रुपए की पेटी ६ हजार रुपए पर आ पहुंची

विदेशों में निर्यात बंद पड़ा हापुस को रोना,  १० हजार रुपए की पेटी ६ हजार रुपए पर आ पहुंची

पूरे विश्व में कोरोना वायरस की दहशत देखी जा रही है। कोरोना वायरस एक देश से दूसरे देश तक न पहुंचे इसलिए विदेशों से आयात व निर्यात पर पाबंदी लगा दी गई है। इस बंदी के चलते हापुस आम की बिक्री करनेवाले किसानों को रोना पड़ रहा है। विदेशों में निर्यात पर पाबंदी के बाद हापुस आम की पेटी १० हजार रुपए से गिरकर ६ हजार रुपए पर आ पहुंची है। आवक जहां एक ओर बढ़ गई वहीं दूसरी ओर दाम गिर गया है।

बता दें कि प्रतिवर्ष महाराष्ट्र के किसानों द्वारा भारी मात्रा में हापुस आम की पैदावार कर उन्हें दुबई, कतर, कुवैत, सऊदी अरब सहित अन्य देशों में निर्यात किया जाता है। लेकिन इस वर्ष पूरे विश्व में कोरोना वायरस के खौफ को देखते हुए विदेशी उड़ानों पर पाबंदी लगा दी गई है, जिसके चलते आयात और निर्यात अपने आप ठप्प पड़ गया है। इस पाबंदी के चलते इस वर्ष हापुस आम का निर्यात नहीं हो पाया है। निर्यात न हो पाने की वजह से हापुस के आम की सभी पेटियां पुन: हिंदुस्थान के बाजार में वापस आ रही हैं। आवक अधिक होने के चलते कुछ दिनों पहले १० हजार रुपए में बेची जानेवाली आम पेटियों की कीमत घटकर ६ हजार रुपए तक आ पहुंची है। इससे किसानों का भारी नुकसान हो रहा है। प्रति पेटी किसानों को लगभग ४ हजार रुपए का नुकसान उठाना पड़ रहा है। एपीएमसी मार्वेâट के फल बाजार संचालक संजय पानसरे ने बताया कि हवाई उड़ानों पर पाबंदी के बाद जलमार्ग से हापुस आम के निर्यात की कोशिश जारी है लेकिन जलमार्ग को उचित प्रतिसाद न मिल पाने की वजह से केवल १५ प्रतिशत ही आमों को जलमार्ग माध्यम से निर्यात किया जा सका है।

किसानों का भारी नुकसान
आमों के निर्यात पर पाबंदी लग जाने की वजह से किसान आमों की पेटियां विदेशों में निर्यात नहीं कर पा रहे हैं। जिसके चलते किसानों को अपने आम की पेटी हिंदुस्थान में ही बेचनी पड़ रही है, इससे किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।