विवादों में घिरी भाजपा की सहयोग फेरी

भाजपा के बैनर तले जमा की गई सहायता राशि, रसीदें दी गई ईस्ट-वेस्ट फाउंडेशन की
बाढ़ की विभीषिका से त्रस्त केरलवासियों की मदद के लिए भाजपा द्वारा निकाली गई सहायता फेरी विवादों में घिर गई है। दरअसल शनिवार को मीरा-भाइंदर भाजपा द्वारा पूरे शहर में सहायता फेरी निकाली गई थी। जिसमें भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता की निजी संस्था ईस्ट-वेस्ट फाउंडेशन की रसीद सहायता करनेवालों को सौंपी जा रही थी। जिसकी फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही मीरा-भाइंदर शहर में तरह-तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया।
पूर्व नगरसेवक रोहित सुवर्णा ने कहा है कि मीरा-भाइंदर शहर में भाजपा के ६१ नगरसेवक हैं। जिनमें से कई करोड़पति, उद्योगपति, व्यवसाई हैं। सही अर्थों में भाजपा अगर केरलवासियों की मदद करने की मंशा रखती तो कम से कम मनपा से मिलनेवाले एक माह का मानधन केरल पीड़ितों को ही देने की घोषणा करतीे। भाजपा विधायक अपनी पत्नी को ५ करोड़ रुपए की गाड़ी जन्मदिन के उपहार में दे सकते हैं लेकिन केरल के बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए आम जनता के सामने हाथ पैâलाते दिखे। इतना ही नहीं नकद राशि से सहायता करनेवालों को मेहता के निजी संस्था ईस्ट-वेस्ट फाउंडेशन की रसीद दी जा रही थी, जबकि इस फाउंडेशन की स्थापना गणपति उत्सव के लिए की गई थी। स्थानीय समाजसेवी अनिल नौटियाल ने आरोप लगाया है कि विधायक मेहता ने भाजपा के बैनर तले सहायता राशि जमा की और ईस्ट-वेस्ट फाउंडेशन की रसीद देकर भाजपा के साथ धोखाधड़ी की है। भाजपा के नगरसेवकों, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से सहायता राशि जमा करवाना और श्रेय अपनी निजी संस्था को देना यह कहां तक उचित है?