" /> विहिप  प्रान्तीय प्रवक्ता शरद शर्मा ने लगाया आरोप- पश्चिम बंगाल  सरकार पुस्तकों द्वारा हिन्दुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत कर रही 

विहिप  प्रान्तीय प्रवक्ता शरद शर्मा ने लगाया आरोप- पश्चिम बंगाल  सरकार पुस्तकों द्वारा हिन्दुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत कर रही 

विश्व हिन्दू परिषद के प्रान्तीय प्रवक्ता शरद शर्मा ने आज यहां कहा कि पश्चिम बंगाल की ममता सरकार के अंतर्गत संचालित शिक्षा विभाग प्रारंभिक पाठ्यपुस्तकाें  द्वारा हिन्दुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत कर रहा है। एक ओर जहां देश महामारी से जूझ रहा है, वहीं पश्चिम बंगाल में हिन्दुओं की आस्थाओं को रौंदने का काम समय-समय पर ममता देवी के संरक्षण में किया जा रहा है। केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय तथा गृहमंत्रालय इसे संज्ञान मे लेकर तत्काल इस पर कार्रवाई करे।

श्री शर्मा पश्चिम बंगाल मे कक्षा छः के विद्यार्थियो को पढ़ाई जा रही पुस्तक में भगवान श्रीराम पर अपमान जनक रूप से लिपिबद्ध किये गये पाठ पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे थे। उन्होंने कहा  कि भगवान श्रीराम सामाजिक समन्वय और राष्ट्रीय एकता के मेरूदंड हैं। जिनका सम्मान भारत सहित विश्व के अनेक राष्ट्रों में किया जाता है। यहां तक कि मुस्लिम देश भी श्रीराम चरित्र का मंचन कर अपना पूर्वज मानते हैं। वहीं भारत के अंदर तुष्टिकरण में अंधभक्त बने लोग अपमान कर हिन्दुओं की धार्मिक भावनाओं पर कुठाराघात कर रहे हैं।

उन्हाेंने बताया कि पश्चिम बंगाल में छठी कक्षा की पाठ्य-पुस्तक में लिखा है कि श्रीराम विदेशी आक्रमणकारी थे और भारत पर आक्रमण करने आये थे और राम शब्द की उत्पत्ति ” रोमिंग ” शब्द से हुई है व एक मूल राक्षस हैं….वहीं रावण को भारतीय बताया गया है। जिसे विदेशी राम ने मारकर सत्ता अर्जित की और भारत में अपना राज्य स्थापित किया। इस प्रकार के अनेकों टिप्पणियां की गई हैं।
उन्हाेंने कहा इस प्रकार के भ्रामक और असत्य प्रचार कर पश्चिम बंगाल सरकार देश की भावी पीढ़ी को दिशाहीन और उन्हें नास्तिक बनाने पर उतारू हो गयी है।

उन्होने कहा इस पुस्तक के संपादक शिरीन मसूद है…ये वही लेखक है जिसने राष्ट्र भक्त वीर शहीद खुदीराम बोस को आतंकवादी कहा था।
उन्हो कहा ममता सरकार इस भ्रामक और मिथ्या पाठ को तत्काल पाठ्यपुस्तक से बाहर करे और अपनी गलती को सुविकार कर रामभक्तों से मांफी मांगे। उन्हो ने कहा इस गंभीर विषय पर केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर और गृहमंत्री अमित शाह जी को आवश्यक कार्रवाई हेतु पत्र दिया जायेगा।