वेटिंग रूम में भी होगा किराए का मीटर चालू, वेटिंग रूम का होने जा रहा निजीकरण

ट्रेन की प्रतीक्षा में रेलवे के वेटिंग रूम में रुकनेवाले यात्रियों की जेब ढीली करने की तैयारी रेलवे ने शुरू कर दी है। पश्चिम रेलवे ने इसकी शुरुआत सात स्टेशनों के स्लीपर और एसी वेटिंग रूम के निजीकरण के साथ कर दी है। ऐसे में अब वेटिंग रूम में किसी यात्री को रुकना होगा तो उसके किराए का मीटर चालू हो जाएगा।
रेल अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार पश्चिम रेलवे ने वेटिंग रूम का निजीकरण करने से जुड़ा एक प्रस्ताव रखा था। जिसको मुख्यालय से सहमति मिली है और अब इसके टेंडर निकलने की तैयारी चल रही है। अभी वर्तमान में स्लीपर और एसी वेटिंग रूम में यात्रियों के पास टिकट होने पर मुफ्त सुविधा दी जाती है। इसके लिए यात्रियों को कोई चार्ज नहीं देना पड़ता जबकि टेंडर जारी हो जाने के बाद यात्रियों को कितना न्यूनतम चार्ज देना पड़ेगा। यह बाद में तय किया जाएगा।
ये स्टेशन शामिल होंगे
पश्चिम रेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मुंबई मंडल के मुंबई सेंट्रल, बोरीवली और बांद्रा टर्मिनस के अलावा सूरत, उधना, वापी और वलसाड स्टेशन के एसी, स्लीपर वेटिंग रूम का टेंडर जारी किया जाएगा। इसका उद्देश्य यह है कि वेटिंग रूम में यात्री सुविधा बढ़ाई जाएगी और इससे आय होगी।
अभी वीआईपी लाउंज ठेके पर
वर्तमान में अभी भारतीय रेल के विभिन्न जोन में बनाए गए वीआईपी लाउंज आईआरसीटीसी द्वारा संचालित हो रहे हैं और उन्हें आईआरसीटीसी द्वारा ठेके पर दिया गया है। अमदाबाद रेलवे स्टेशन पर बना वीआईपी लाउंज आईआरसीटीसी द्वारा ठेके पर दिया गया है जिसमें लक्जरी सुविधाएं हैं, इसमें किसी भी श्रेणी का यात्री न्यूनतम चार्ज देकर इसका लाभ ले सकता है जबकि एसी स्लीपर वेटिंग रूम अभी रेलवे द्वारा ही संभाला जा रहा है।