वेलेंटाइन डे पर अप्रैल फूल, बाजार से हुआ गुलाब गुल

अपने खूबसूरत रंगों एवं खूशबू के कारण कांटों में खिलने के बावजूद लाल, पीले, गुलाबी, सफेद और न जाने कई रंगों में खिलने वाला गुलाब दोस्ती-प्रेम के इजहार से लेकर शांति का प्रतीक बन चुका है। वैसे तो गुलाब के फूलों की मांग पूरे साल रहती है लेकिन शादी-ब्याह के व्यस्त मौसम और खासतौर पर वेलेंटाइन डे पर गुलाब की मांग बेतहाशा बढ़ जाती है। मांग बढ़ने से गुलाब की कीमतें भी बढ़ जाती हैं लेकिन इस बार उत्तर से आई ठंडी हवाओं के कारण प्रेमी जोड़ों के लिए वेलेंटाइन डे, अप्रैल फूल साबित हुआ। मौसम की मार ने गुलाब के फूलों को बेजार कर दिया। नतीजतन बाजार में गुलाब के फूलों की आवक घट गई और गुलाब बाजार से गुल हो गए।
बता दें कि उत्तर दिशा से आई ठंडी हवाओं का प्रतिकूल असर महाराष्ट्र में गुलाब की खेती पर देखने को मिला है। महाराष्ट्र के पुणे, सोलापुर और नासिक जिलों में गुलाब का सर्वाधिक उत्पादन होता है। इस बार दिल्ली, पंजाब, हिमाचल प्रदेश से चली ठंडी हवाओं के कारण पुणे, सोलापुर और नासिक जिले का तापमान १५ अंश सेल्सियस से नीचे पहुंच गया, जिसका असर गुलाब उत्पादन पर पड़ा है। नतीजतन विगत १५ दिनों से मुंबई, ठाणे, नई मुंबई सहित आसपास के क्षेत्रों में गुलाब की आवक घट गई है। इसलिए इस वर्ष वेलेंटाइन डे के मौके पर गुलाब गुल रहा। गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष वेलेंटाइन डे पर ६० फीसदी कम गुलाब बाजार में पहुंचे। इस तरह मांग बढ़ने और आवक घटने से गुलाब के फूलों की कीमत में बेतहाशा वृद्धि देखने को मिली। एक गुच्छा गुलाब ५० से ६० रुपए ज्यादा महंगे बिके। गौरतलब हो कि वेलेंटाइन डे पर प्रेमी जोड़ों में लाल रंग के चायना गुलाब की भारी मांग होती है। इसी तरह दोस्ती, सुलह आदि के लिए सफेद, पीले, गुलाबी और केशरी रंग के गुलाब वेलेंटाइन डे पर बड़ी संख्या में बिकते हैं लेकिन इस बार गुणवत्तानुसार फूलों के गुच्छों की कीमत में प्रति बंडल ४०-५० रुपए वृद्धि दर्ज हुई है। आमतौर पर ५ से ७ रुपए में बिकनेवाला गुलाब का एक फूल इस बार गुणवत्तानुसार १५ से २५ रुपए में बिका है।
प्रकार पुरानी कीमत वर्तमान दर

चायना १४० २००
(उच्च श्रेणी)
चायना गुलाब १०० १५०
(मध्यम श्रेणी)
चायना गुलाब ६० १००
(औसत श्रेणी)