" /> वॉर से डरा ड्रैगन! पूरी दुनिया हो गई है चीन के खिलाफ

वॉर से डरा ड्रैगन! पूरी दुनिया हो गई है चीन के खिलाफ

-CICIR ने सौंपी चीनी सरकार को खुफिया रिपोर्ट

*अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर नजर रखती है CICIR
*रिपोर्ट में कार्रवाई की आशंका व्यक्त की गई
*आर्थिक प्रतिबंध का करना पड़ सकता है सामना

वुहान से निकले कोरोना वायरस ने जिस तरह पूरी दुनिया में कोहराम मचाया है, उससे पूरी दुनिया चीन के खिलाफ आक्रोश में है। इससे अब चीन को डर लगने लगा है। ड्रैगन चीन को इस बात का डर है कि कहीं दुनिया की महाशक्तियां उसके खिलाफ कोई बड़ी और कड़ी कार्रवाई ना कर दें। इस सिलसिले में चीन की संस्था CICIR (चाइनीस इंस्टिट्यूट ऑफ कंटेंपरेरी इंटरनेशनल रिलेशंस) ने एक खुफिया रिपोर्ट तैयार की है और उसे चीन की सरकार को सौंपा है। इस रिपोर्ट में आशंका व्यक्त की गई है कि नाराज दुनिया चीन के खिलाफ कोई सख्त कदम उठा सकती है। इसमें आर्थिक प्रतिबंध से लेकर युद्ध का अंदेशा तक व्यक्त किया गया है। यह संस्था अंतराष्ट्रीय मामलों पर नजर रखती है और चीन की सरकार को इससे अवगत कराती रहती है।
कोरोना वायरस के कारण सबसे ज्यादा गुस्से में अमेरिका है। वहां अभी तक 72,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, इसके अलावा ब्रिटेन, इटली, फ्रांस, स्पेन, दक्षिण कोरिया, जर्मनी और रूस में भी कोरोना वायरस बड़ी संख्या में लोगों को अपनी चपेट में ले चुका है और इन देशों में भी हजारों लोगों की मौत हो चुकी है। अमेरिका में इसी साल राष्ट्रपति का चुनाव होने वाला है इसलिए ट्रंप के लिए चुनौती काफी कठिन है और वे कोई रिस्क लेने के मूड में नहीं हैं। ट्रंप ने तो शुरू में ही इस वायरस को “चीनी वायरस” का नाम दे दिया था। इस पर चीन ने नाराजगी भी प्रकट की थी और कहा था कि चीन खुद इससे परेशान है और ऐसे समय में चीन को बदनाम करने की कोशिश ठीक नहीं है। ट्रंप ने अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए और एफबीआई को इस वायरस कांड लीक की जांच का आदेश भी दे दिया है। उधर ब्रिटिश खुफिया एजेंसी एमआई5 भी मामले की जांच कर रही है। इजराइल की खुफिया एजेंसी मोसाद भी एक्टिव मोड में है। अभी हाल ही में एक खबर आई थी कि 5 देशों की संयुक्त जांच टीम “फाइव आइज” ने अपनी जांच में पाया कि कोरोना वायरस लीक के लिए चीन पूरी तरह दोषी है। इस तरह समझा जा सकता है कि दुनिया किस तरह चीन के खिलाफ हो रही है। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री ने भी हाल ही में चीन की क्लास ली थी। अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों का मानना है कि फिलहाल दुनिया के सभी देश मेडिकल किट्स व दवाओं के लिए चीन पर निर्भर हैं इसलिए तुरंत कोई कार्रवाई की संभावना भले ही नहीं दिखती हो, लेकिन एक बार जैसे ही कोरोना का संकट धीमा पड़ेगा या खत्म होगा सभी देश एकजुट होकर चीन के खिलाफ गोलबंदी अवश्य करेंगे और किसी बड़ी कार्रवाई की पहल कर सकते हैं। इसमें चीन के खिलाफ व्यापारिक और आर्थिक प्रतिबंध का समावेश हो सकता है। अंतरराष्ट्रीय रक्षा मामलों के कुछ जानकारों का मानना है कि अगर चीन नहीं सुधरता है तो उसके खिलाफ इन देशों के पास सैन्य कार्रवाई के भी विकल्प मौजूद होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। क्योंकि हर देश में मौतें हुई हैं और अगर अंतरराष्ट्रीय खुफिया एजेंसियों ने अपनी जांच में पाया कि चीन ने इस वायरस को जानबूझकर फैलाया है तो फिर चीन के खिलाफ ये देश एकजुट होकर वॉर भी छेड़ सकते हैं। यही कारण है की चीन अलर्ट है और सीआईसीआईआर की खुफिया रिपोर्ट भी यही बताती है।

चीन की बदहाल अर्थव्यवस्था
चीन की अर्थव्यवस्था इन दिनों काफी बदहाली के दौर से गुजर रही है। वर्ष 2020 के प्रथम तिमाही में चीन की अर्थव्यवस्था 6.8% लुढ़क चुकी है। चीन सरकार ने गत महीने इस बारे में रिपोर्ट भी जारी की थी। चीन में पिछले 4 महीनों से उत्पादन पूरी तरह ठप है। अब जाकर कुछ क्षेत्रों में उत्पादन धीरे धीरे शुरू हो रहा है। वैश्विक अर्थव्यवस्था में भी गिरावट आई है और चीन ने इसका लाभ उठाने की कोशिश करते हुए अन्य देशों में शेयर खरीदना शुरू किया था। पर भारत जैसे देश ने इसे तुरंत भांप लिया और उसके लिए कानून बना दिया जिससे चीन की चालबाजी पर रोक लग गई।