" /> व्हीलचेयर पर मास्क की मैन्यूफैक्चरिंग : 85 साल की बुजुर्ग महिला बनाती है मास्क

व्हीलचेयर पर मास्क की मैन्यूफैक्चरिंग : 85 साल की बुजुर्ग महिला बनाती है मास्क

मुंबई में कोरोना वायरस का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है। ऐसे में कोरोना से बचने के लिए रेल कर्मचारी दिन रात जरूरी उपकरण बनाने में लगे हैं लेकिन रेल कर्मचारी इस काम के दौरान कहीं कोरोना संक्रमित न हो जाए इसलिए नालासोपारा में रहनेवाली एक 85 वर्षीय वृद्धा इन दिनों व्हीलचेयर पर होते हुए भी रात दिन मास्क की बना रही है। इस 85 वर्षीय दिव्यांग वृद्धा का नाम विमला देवी है। विमलादेवी का बेटा पश्चिम रेलवे का कर्मचारी है।

देश इ दिनों कोरोना के खिलाफ जंग लड़ रहा है, ऐसे में विमलादेवी उम्र के इस पड़ाव में आराम करने के बजाय प्रतिदिन 10 से 12 मास्क तैयार करती हैं। इन सभी मास्कों को विमलादेवी अपने बेटे के हाथ से रेल कर्मचारियों के लिए भिजवा देती हैं। इतना ही नही वह रोजाना लोगों को घर बैठे सोशल डिस्टेंसिंग का पाठ भी पढ़ाती हैं। उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूल में प्रिंसिपल रही विमला देवी बताती है कि कोरोना एक भयानक महामारी है। इससे डरने की बजाए हमें एक साथ मिलकर लड़ने की जरूरत है और ये तभी संभव होगा, जब हम स्वयं एक दूसरे से सोशल डिस्टेंसिंग बना कर रखेंगे। वो बताती हैं कि जब मैं छोटी थी तब हैजा की बीमारी फैली थी। उस दौरान बीमारी से बचने के लिए हम अपना गांव छोड़कर मुंबई में आ गए थे। नालासोपारा स्थित जिस सोसाइटी में विमलादेवी रहती है, उस सोसाइटी के लोगों के लिए वह प्रेरणा बन गई हैं। पश्चिम रेलवे के कर्मचारी सुरेंद्र द्विवेदी बताते हैं कि 20 साल पहले विमलादेवी के पैर की हड्डी टूट गई थी। तब से वे व्हीलचेयर पर हैं। हसमुख स्वभाव की विमलादेवी हमेशा खुश रहती हैं और दूसरों को भी जिंदगी में हमेशा खुश रहने की सलाह देती हैं।