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‘शकट’ योग  ब़़ढ़ाएगी परेशानी!

गुरु जी, मेरी राशि क्या है। कुंडली में कोई दोष हो तो उपाय बताएं? -सुखविंदर सिंह
(जन्म- २३ मई, १९७६, समय- रात्रि ११:१२ बजे, स्थान- कपूरथला, पंजाब)
सुखविंदर जी, आपका जन्म मकर लग्न मीन राशि में हुआ है। लग्नेश एवं धनेश शनि सप्तम भाव में बैठकर लग्न को पूर्ण दृष्टि से देख रहा है। अत: आप किसी व्यापार से भी जुड़े होंगे आपकी कुंडली का सूक्ष्मता से अवलोकन किया गया तो समझ में ये बात आ रही है कि पराक्रमी, कर्मठी, बृहस्पति सुख भाव में बैठ करके कर्म भाव को पूर्ण दृष्टि से देख रहा है। आपको पुरुषार्थी एवं ईमानदार भी बना रहा है लेकिन बृहस्पति ग्रह से बारहवें भाव में चंद्रमा बैठ करके ‘शकट’ नामक योग भी बना रहा है। अत: आपके जीवन में व्यय की अधिकता, धन की हानि एवं सामाजिक अपमान भी होता होगा। आपकी कुंडली में चांडाल योग के साथ-साथ कालसर्प योग भी बन रहा है। शकट योग का वैदिक विधि से पूजन कराएं।

मेरे बेटे की शिक्षा में क्यों रुकावट आ रही है, कृपया उपाय बताएं? -संकेत यादव
(जन्म- २५ जनवरी, २००३, समय- दिन ९:३० बजे, स्थान- मुंबई)
संकेत जी, आपका जन्म मिथुन लग्न कुंभ राशि में हुआ है। लग्न में भाग्येश बैठ करके आपको भाग्यशाली बना रहा है लेकिन बारहवें भाव में राहु तथा छठे भाव में बैठे केतु के कारण आपकी कुंडली में कालसर्प योग भी बन रहा है। आपकी कुंडली में इस समय राहु की महादशा में शुक्र का अंतर भी चल रहा है। राहु की महादशा के कारण जिम्मेदारियों का निर्वहन नहीं कर पा रहे हैं। दुष्ट मित्रों की संगति के कारण शिक्षा में भी ध्यान नहीं दे पा रहे हैं तथा परीक्षाओं में परिश्रम का पूर्ण फल भी नहीं प्राप्त हो पा रहा है। शिक्षा का पूर्ण फल प्राप्त करने के लिए आपको कालसर्प योग की पूजा कराना आवश्यक है तथा सामान्य रूप से मछलियों को दाना खिलाना आपके लिए फायदा करेगा। जीवन के अन्य गूढ़ रहस्य को जानने के लिए आप संपूर्ण जीवन दर्पण बनवाएं।

मेरी शिक्षा कैसी होगी और मेरा आगे का भविष्य वैâसा होगा?
-सीमा सिंह
(जन्म- १२ अगस्त, १९९९, समय- दिन ४:२० बजे, स्थान- भदोही, उत्तर प्रदेश)
सीमा जी, आपका जन्म धनु लग्न एवं सिंह राशि में हुआ है। लग्नेश एवं सुखेश बृहस्पति पंचम भाव में बैठ करके आपको बुद्धिमती बना रहे हैं लेकिन द्वितीय भाव में केतु बैठ करके आपको कभी-कभी कनफ्यूजन में भी डाल देता है तथा उच्च शिक्षा का स्वामी बुध राहु से पीड़ित है इस कारण आप अपने ज्ञान का पूर्ण पारिश्रमिक प्राप्त नहीं कर पाती हैं। पूर्ण शिक्षा को प्राप्त करने के लिए कम-से-कम आपको कालसर्प योग की पूजा कराना होगा तभी अपनी पूर्ण शिक्षा प्राप्त कर पाएंगे। जीवन की अन्य गहराई को जानने-समझने के लिए संपूर्ण जीवन दर्पण भी बनवाएं।

मेरी राशि क्या है और समय वैâसा चल रहा है? -राहुल मौर्या
(जन्म- १ अप्रैल, १९९७, समय- दिन में ४:३९ बजे, स्थान- चांदीवली, मुंबई)
राहुल जी, आपका जन्म सिंह लग्न एवं धनु राशि में हुआ। आपकी कुंडली का सूक्ष्मता से अवलोकन किया गया। लग्न में ही मंगल बैठ करके आपको मांगलिक भी बना दिया है और लग्नेश सूर्य अष्टम भाव में बैठ करके आपके लग्न को दूषित भी किया। आपकी कुंडली में पंचम स्थान का स्वामी बृहस्पति भी नीच राशि का होकर के छठे भाव में बैठा। अत: आप किसी पर भी जल्दी भरोसा कर लेते हैं ये आपके लिए हानिकारक है। आपके साथ धोखेबाजी भी संभव है। विवाह से पहले किसी योग्य आचार्य से सलाह ले करके ही विवाह निर्धारण करें तथा मंगल दोष की समाप्ति के लिए मंगल चंडिका स्तोत्र का पाठ जरूर कराएं। इस समय आपकी राशि में शनि की साढ़ेसाती चल रही है। शनि के दुष्प्रभाव से बचने के लिए हनुमान चालीसा का पाठ करें।

व्यापार करता हूं लेकिन लाभ नहीं मिल रहा है। कोई उपाय बताएं? -रामप्रसाद शर्मा
(१० अक्टूबर, १९६५, समय- रात्रि १०:५३ बजे, स्थान- जौनपुर, उत्तर प्रदेश)
रामप्रसाद जी, आपका जन्म मिथुन लग्न एवं मीन राशि में हुआ है। आपकी कुंडली में भाग्येश शनि भाग्य भाव में स्वग्रही हो करके बैठा है। अत: आप व्यापार के माध्यम से ही विकास करेंगे। व्यापार करने की वस्तु जमीन से जुड़ी हुई वस्तुएं तथा तरल वस्तुओं का भी व्यापार आपके लिए लाभकारी होगा लेकिन आपकी कुंडली में लाभेश मंगल केतु के साथ अष्टम भाव में बैठा है तथा व्यय भाव में बैठा राहु पूर्ण दृष्टि से देखकर अंगारक योग बना रहा है। अंगारक योग की पूजा कराएं तो व्यापार आपके लिए लाभकारी होगा।