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शट डाउन

सामना संवाददाता / मुंबई
कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए मुंबईकरों ने खुद ही शट डाउन की तैयारी कर ली है। यानी मुंबई बंद। आमतौर पर चहल-पहल में डूबा रहनेवाला शहर कल शांत सा नजर आया। लोकल ट्रेन में ५० फीसदी यात्री नजर आए। वह भी सुबह के वक्त कुछ भीड़ दिखी पर ११ बजे के बाद कई लोकल से भीड़ गायब थी। इसी तरह बेस्ट की बसों में भी आम दिनों के मुकाबले यात्री न के बराबर थे।
कल सुबह से ही मुंबई के साथ ठाणे व नई मुंबई की सड़कों पर भी सन्नाटा नजर आया। कुछ गाड़ियां जरूर सड़कों पर दौड़ रही थीं पर जहां रोज एक घंटे में सफर तय होता था, वह कल १५ मिनट में हो रहा था। कई इलाकों में तो सड़कों पर सन्नाटा पसरा था। दक्षिण मुंबई का सबसे मशहूर पैâशन स्ट्रीट की दुकानें बंद थीं जबकि आम दिनों में वहां गहमागहमी रहती है। खासकर सीएसएमटी की ओर से चर्चगेट आने-जानेवाले लोग वहां से पैâशनेबल कपड़े खरीदते हैं। मगर कल वहां दुकानें बंद होने के साथ ही फुटपाथ पर सन्नाटा पसरा हुआ था। इसी तरह कुलाबा, कालबादेवी, मंगलदास मार्वेâट, क्रॉफर्ड मार्वेâट, मुसाफिरखाना, अब्दुर रहमान स्ट्रीट, नागपाड़ा, मदनपुरा, मझगांव, दादर, शिवड़ी आदि भीड़भाड़वाले एरिया में लोग नदारत दिखे। शिवाजीनगर, घाटकोपर, कुर्ला, सायन, अंधेरी, बोरीवली, बांद्रा आदि शहर व उपनगरों में दुकानें बंद रहीं और लोग कम नजर आए। लोकल ट्रेन में भी लोग काफी कम थे और फर्स्ट क्लास में ९० फीसदी तो सेकंड क्लास में करीब ५० फीसदी लोग चेहरे पर मास्क लगाए हुए थे। जब भी किसी स्टेशन पर ट्रेन रुकती और नए यात्री आते तो पहले से डिब्बे में मौजूद लोग नए लोगों को इस तरह देखते मानो आश्वस्त होना चाहते कि सब ठीक है न!
मुलुक जाने की होड़!
कोरोना की दहशत में अचानक काफी लोग अपने मुलुक जाने के लिए निकल पड़े हैं। बोरीवली से गुजरात की ओर जानेवाली स्लीपर बसों में जहां दो यात्री की जगह है, वहां कल शाम ५ से ७ यात्री ठूंसे बैठे नजर आए। इसी तरह बांद्रा टर्मिनस पर यात्रियों की काफी भीड़ थी जो किसी भी तरह से मुलुक जाने के लिए वहां मौजूद थी।