" /> शव उठा रहा वेटलिफ्टर

शव उठा रहा वेटलिफ्टर

ये दुनिया नेक इंसानों की वजह से कायम है। एक ऐसा वेटलिफ्टर जो वजन उठाने की जगह शव उठा रहा है और उसका अंतिम संस्कार करने में जुटा हुआ है। कोविड के शिकार शवों को उनकी मंजिल तक पहुंचाने का कार्य करते इस वेटलिफ्टर ने मानवता की जो मिसाल सामने रखी है वो काबिले तारीफ है और किसी भी अवार्ड से कम नहीं है। जी हां, उसे वो दर्द कभी २९५ किलोग्राम के डेडलिफ्ट उठाते हुए भी नहीं महसूस हुआ, जितना अब हो रहा है। मोहम्मद अजमत ने दो साल पहले इंटरनैशनल पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में इतना ही वजन उठाकर अपना दमखम दिखाया था। लेकिन इन दिनों अजमत कोविड- १९ के कारण मरन वाले लोगों के शवों को उठा रहे हैं और यह काम उन्हें अपने वेटलिफ्टिंग प्रफेशन से ज्यादा भारी दिख रहा है। समाज में शवों को उनकी अंतिम यात्रा तक पहुंचाने को भले ही सम्मान की नजर से देखा जाता है। लेकिन इनदिनों कोविड- १९ वायरस के खतरे को देखते हुए लोग मृतकों की अंतिम यात्रा से दूर ही रहते हैं। कई शवों के तो अंतिम संस्कार के लिए भी कोई नहीं है। अजमत ने ऐसे कई शवों को कब्रिस्तान ले जाकर उन्हें अपने दो साथियों के साथ दफनाया है। वह कहते हैं कि मृतकों को दफनाने अब कोई नहीं आता है। हम तीन लोग ही कई शवों को दफना चुके हैं। अजमत इस गंभीर वायरस से पूरी तरह सावधान हैं और वह अपनी सुरक्षा के सभी जरूरी उपाय इस्तेमाल में लाकर इस काम को अंजाम देते हैं। इसके अलावा उन्होंने खुद को परिजनों से दूर आइसोलेशन में रखा हुआ है।४३ वर्षीय अजमत ने कहते हैं, ‘मैंने कई बार प्रैक्टिस में और कॉम्पिटीशन में भी ३०० किलो के करीब वजन उठाया है। लेकिन जब मैंने अपने दो साथियों के साथ एक बुजुर्ग व्यक्ति के शव को क्रिश्चिन कब्रिस्तान मैदान में जाकर दफनाया, मुझे जो दर्द महसूस हुआ उसे मैं शब्दों में भी बयां नहीं कर सकता।’