शहरी जीवन से दूर हो गई थी मैं! -भूमि पेडणेकर

यशराज बैनर की कास्टिंग टीम में कभी काम करनेवाली भूमि पेडणेकर के अभिनय करियर को अब ४ वर्ष पूरे हो चुके हैं। भूमि ने जिन फिल्मों में काम किया उनमें काफी विविधता है। जैसे ‘दम लगा के हईशा’, ‘टॉयलेट एक प्रेमकथा, ‘शुभ मंगल सावधान’, ‘लस्ट स्टोरीज’ आदि। इन दिनों भूमि सुर्खियों में हैं फिल्म ‘सोनचिड़िया’ को लेकर। इस फिल्म के लिए भूमि ने काफी मशक्कत की। जिसे जानने की कोशिश की पूजा सामंत ने। पेश इस बातचीत के प्रमुख अंश…

फिल्म सोन चिड़िया रिलीज हो चुकी है, सुना है आपने काफी तैयारी की थी इस फिल्म को करने के लिए?
इस फिल्म का नेरेशन जब मुझे अभिषेक चौबे (निर्देशक) ने सुनाया तो मुझे लगा कि इसमें मेरा किरदार काफी सशक्त है। फिल्म की कहानी ने मुझे प्रभावित किया। अहम बात ये है कि यह फिल्म मेरे कंफर्ट जोन से बाहर थी। फिल्म के निर्देशक ने कहा था कि इस फिल्म में काम करना आसान नहीं होगा इसलिए इसकी शूटिंग शुरू करने से पहले सभी कलाकारों को इमोशनली और मेंटली मजबूत होना पड़ेगा। इसलिए कलाकारों की ग्रूमिंग, शूटिंग से २ महीने पहले शुरू हो गयी थी। सभी लोग शहरी जीवन, मोबाइल, दोस्त सभी से दूर हो गए थे।
सुना है आपने वहां चूल्हा चौका भी किया?
चूल्हा जलाना, चूल्हे पर खाना बनाना, मसाला पीसना जैसी एक-एक चीज की ट्रेनिंग मैंने ली। कभी अपने घर या पर्सनल जीवन में चूल्हा नहीं जलाया और यहां सब ट्रेनिंग ली और चंद दिनों में ही वहीं की लगने लगी। जो भूमि यहां छोटा कांटा लगने पर सब सिर पर उठा लेती थी उसका वहां कांटा, कंकड़, नुकीले पत्थर, चट्टान, रेत, मिटटी, कीचड़ का रोजाना वास्ता था। शूटिंग रात में खत्म होते ही आंख-कान और नाखूनों से मिट्टी निकलती थी। मिट्टीr से भरे, गोबर के फर्श पर लेटना पड़ता था। बुंदेलखंडी महिलाओं की जीवन शैली की तरह मैं खुद १०-१२ किलो की अनाज की बोरियां पीठ पर लादकर में घर आती थी। पानी भरना, सींचना यह तो रोज का काम हो गया था। शूटिंग के १-२ दिनों में यह सब असंभव लगा लेकिन किरदार में जान डालने के लिए यह अनिवार्य था।
आपने बुंदेलखंडी भाषा भी सीख ली ?
यह भाषा सीखाने के लिए एक असिस्टेंट डायरेक्टर की नियुक्ति हुई थी। हम ५ दिन में यह भाषा बोलने लगे।
फिल्मों में आपका सफर कैसा रहा?
मेरा सफर आप सभी के सामने है। मैं हर मोमेंट को एन्जॉय कर रही हूं। यशराज फिल्म्स में मैं कास्टिंग डिपार्टमेंट में थी। तब से अभिनय का सफर शुरू हुआ जो इतना अद्भुत है की कोई सपना-सा लग रहा है।
आपका शुमार फोर्बज इंडिया के सफल बॉलीवुड शख्सियतों में है किस तरह से लेती हैं इस उपलब्धि को?
अभिनय में यह अभी चौथा साल है। मेरी फिल्मों की चॉइसेस ने मुझे आगे बढ़ने में मदद की। मैं हमेशा कृतघ्न रहूंगी यशराज, मेरे पेरेंट्स, फिल्म मेकर्स, को-स्टार्स और मेरी फिल्मों से जुड़े सभी लोग, मैं अपनी सफलता उन्हें डेडिकेट करती हूं।

जन्मदिनांक-१८ जुलाई
जन्मस्थान- मुंबई
कद- ५ फुट २ इंच ,
वजन- ५१ किग्रा
पसंदीदा
अभिनेता- अक्षय कुमार
अभिनेत्री- श्रीदेवी