" /> शादी ना बाबा ना! , चार में से एक युवा शादी से कतरा रहे

शादी ना बाबा ना! , चार में से एक युवा शादी से कतरा रहे

-आर्थिक असुरक्षा चिंता का कारण
-जाति और वर्ग का शादी में प्रभुत्व -जीवनसाथी न मिलने से परेशानी

यूगोव-मिंट-सीपीआर मिलेनियल सर्वे के अनुसार भारत में चार में से एक युवा शादी करने से कतरा रहा है। मिलेनियल उन लोगों को बोला जाता है जिनकी उम्र 23 से 39 साल के बीच है। सर्वे के अनुसार 19 फीसदी मिलेनियल को न तो शादी में रुचि है न ही बच्चों में। वहीं, आठ फीसदी मिलेनियल बच्चे तो चाहते हैं लेकिन शादी करना नहीं चाहते। वहीं, पोस्ट मिलेनियल यानि 23 साल से कम उम्र के युवा शादी और बच्चों में बिल्कुल रुचि नहीं रखते। इन ट्रेंड में लिंग के अनुसार बेहद कम अंतर है।

शादी न करने के फैसले का सबसे बड़ा कारण आर्थिक असुरक्षा है। जिन घरों की महीनेभर की कमाई 10 हजार से कम है, वहां 40 फीसदी युवा शादी नहीं करना चाहते। उच्च आय वाले घरों में (महीनेभर की कमाई 60,000 से ज्यादा)  20 फीसदी युवा शादी नहीं करना चाहते। सर्वे के अनुसार गरीबों की तुलना में अमीर युवाओं में बच्चों की चाहत ज्यादा है। महामारी के दौरान किए गए इस सर्वे में भविष्य की अनिश्चितता के कारण ज्यादातर लोगों ने शादी और बच्चों में कम रुचि दिखाई है। इस सर्वे को 12 मार्च से 2 अप्रैल के बीच ऑनलाइन कराया गया था। इसमें 184 शहरों के 10,005 प्रतिभागी शामिल हुए थे। यह सर्वे मिंट, यूगोव और सेंटर फॉर पॅालिसी रिसर्च द्वारा किया गया है।
शादी के बाजार में जाति और वर्ग को अब भी बहुत प्रभुत्व है। जो लोग शादी करना चाहते थे उनमें से अमीर प्रतिभागियों ने अपनी स्तर के बराबर की आय, धर्म, वर्ग और भाषा वाला साथी पाने की इच्छा जताई। वहीं, गरीब प्रतिभागियों ने अपने ही जाति के साथी से शादी करने की इच्छा जताई।

ज्यादातर भारतीय युवा सही जीवनसाथी न मिल पाने के कारण शादी करने से कतरा रहे हैं। 30 साल से ऊपर की उम्र वाले युवाओं में शादी से दूर भागने की प्रवृत्ति 30 साल से कम उम्र वालों की तुलना में ज्यादा देखी गई है। कई सालों से साथी की तलाश करने वाले 30 साल  से ऊपर के 35 फीसदी युवा अब शादी नहीं करना चाहते। सर्वे में शामिल 32 फीसदी मिलेनियल शादीशुदा थे, वहीं 57 फीसदी अविवाहित थे। आठ फीसदी मिलेनियल रिश्तों में थे लेकिन शादीशुदा नहीं थे।

प्रेम विवाह की इच्छा ज्यादा
जो युवा शादी में रुचि रखते है उनमें से दस में से चार अरेंज मैरेज करना चाहते हैं। ज्यादातर युवा प्रेम विवाह करना चाहते हैं। सर्वे में यह भी देखा गया है कि प्रेम विवाहों की तुलना में प्रेम विवाह की इच्छा रखने वालों की संख्या काफी ज्यादा है। पुरुषों की तुलना में महिलाएं अरेंज मैरेज को ज्यादा पसंद करती नहीं देखी गई। 49 फीसदी युवा महिलाओं का कहना था कि वे प्रेम विवाह करना चाहती हैं जबकि पुरुषों में यह संख्या 41 फीसदी थी।