शिक्षित और संपन्न थे श्रीलंका के शैतान!

श्रीलंका में सिलसिलेवार बम धमाकों को अंजाम देनेवाले आत्मघाती हमलावर काफी शिक्षित और संपन्न घरानों के थे। इन हमलावरों में से एक हमलावर ने तो विदेश में जाकर शिक्षा ग्रहण की थी।
श्रीलंका के रक्षामंत्री रुवन विजयवर्धने ने कल बताया, ‘हमारा मानना है कि एक आत्मघाती हमलावर ने ब्रिटेन में पढ़ाई की है और श्रीलंका वापस लौटने से पहले ऑस्ट्रेलिया से पोस्टग्रैजुएट की डिग्री हासिल की थी।’ रुवन ने आगे बताया कि कई हमलावरों के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन थे। आत्मघाती हमलावरों के समूह में से अधिकतर पढ़े-लिखे थे और उनका ताल्लुक संपन्न ऊपरी-मध्यवर्ग परिवारों से था। वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर थे और उनके परिवार की भी आर्थिक स्थिति अच्छी थी। श्रीलंका के रक्षा मंत्री ने कहा कि इन हमलावरों के मामले में ये पैâक्टर चिंताजनक है। उन्होंने कहा, ‘इन हमलावरों में से कुछ दूसरे देशों में पढ़े थे, उनके पास डिग्रियां थीं, एलएलएम तक की डिग्री। ये बहुत ही पढ़े-लिखे लोग थे। पुलिस की जांच में यह भी पता चला है कि एक समृद्ध मसाला व्यापारी के दो बेटे भी आत्मघाती हमलों में शामिल थे। इब्राहिम और इंसाफ नाम के मुस्लिम भाइयों ने २ होटलों में खुद को उड़ा दिया था। दोनों की उम्र २५-३० के आस-पास थी और वे अपने घर में ही आतंकी सेल चला रहे थे।’ पुलिस सूत्रों के मुताबिक, एक भाई ने होटल में चेक-इन के समय फर्जी पहचान दी थी लेकिन दूसरे भाई ने असली पता दे दिया जिससे कमांडो कोलंबो स्थित उसके घर पहुंच गए। जब स्पेशल टास्क फोर्स उनके घर छानबीन करने पहुंची तो इब्राहिम की बीवी फातिमा ने खुद को ही बम से उड़ा दिया। इस आत्मघाती हमले में उसके दो बच्चे भी मारे गए। विजयवर्धने ने बताया, ‘हमारे इंटेलिजेंस के अभी तक के मूल्यांकन से पता चला है कि हमलावर इसे एक प्रतिशोध की तरह देख रहे थे। न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च में हुई फायरिंग ने इन युवकों को ईस्टर रविवार पर आतंकी हमला करने के लिए प्रेरित किया। राजधानी कोलंबो में हुए धमाकों के एक आरोपी के पड़ोसी ने कहा, ‘जो लोग यहां रहते थे, वे बहुत ही रिजर्व थे और बाकी लोगों के साथ उनका बिल्कुल भी मेलजोल नहीं था।’ पामुदिता अंजाना नाम की महिला ने बताया, ‘वे बहुत ही रिजर्व रहते थे, वे ना बाहर खेलने के लिए आते थे और ना ही किसी से बातचीत करने के लिए। यहां सभी लोग एक समुदाय की तरह मिलकर रहते हैं। हम सड़कों पर खाते हैं, बातें करते हैं लेकिन ये लोग कभी बाहर नहीं आते थे। ये अपनी चीजें अपने तक ही सीमित रखे हुए थे।’ बुधवार को श्रीलंका में आतंकी हमले से मरनेवालों की संख्या ३५९ पहुंच गई है जिसमें ३९ विदेशी नागरिक भी हैं। अभी तक पुलिस ने कुल ५८ लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच अधिकारियों के मुताबिक, हमले से सीधे संबंधित ९ लोग अभी भी आजाद घूम रहे हैं।