" /> शिखा को नहीं चाहिए बदलाव

शिखा को नहीं चाहिए बदलाव

लगातार परिवर्तन भी किसी खेल की रूपरेखा बिगाड़ सकते हैं, फिर खिलाड़ियों को भी उसके अनुरूप ढलने में समय व्यय होता है। शायद यही वजह है कि महिला टीम इंडिया की सीनियर तेज गेंदबाज शिखा पांडे महिला क्रिकेट को अधिक लोकप्रिय बनाने के लिए छोटी गेंद और छोटी पिच जैसे सुझावों को अनावश्यक मानती हैं और उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) से अपील की कि अधिक दर्शकों को आकर्षित करने के लिए नियमों से छेड़छाड़ नहीं करें। झूलन गोस्वामी के बाद नई गेंद की हिंदुस्थान की सबसे अच्छी गेंदबाजों में से एक शिखा ने न्यूजीलैंड की कप्तान सोफी डिवाइन और हिंदुस्थान की उभरती हुई खिलाड़ी जेमिमा रोड्रिग्ज की मौजूदगी वाले आईसीसी के हाल के वेबिनार के संदर्भ में कई ट्वीट किए। इसी वेबिनार के दौरान कई तरह के सुझाव सामने आए थे। हिंदुस्थानी वायुसेना की अधिकारी ३१ साल की शिखा ने लिखा, महिला क्रिकेट की प्रगति- इसे अधिक लोकप्रिय बनाने के लिए कई तरह के सुझावों के बारे में पढ़-सुन रही हूं। मेरा निजी तौर पर मानना है कि अधिकांश सुझाव अनावश्यक हैं।