" /> शिवभक्तों को नहीं सताते शनि!

शिवभक्तों को नहीं सताते शनि!

शनिदेव को कर्मफल दाता कहा जाता है। ये सभी को कर्मों के हिसाब से फल देते हैं। कहा जाता है कि शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या हमेशा दुख ही दे ऐसा नहीं है। अगर आपके कर्म अच्छे हैं और शनि आपकी कुंडली में मजबूत स्थिति में विराजमान हैं तो शनि के आप पर अच्छे प्रभाव ही देखने को मिलेंगे। लेकिन जिस जातक की कुंडली में शनि की स्थिति अच्छी नहीं है उसे जीवन में कई कठिनाइयों का सामना भी करना पड़ता है। माना जाता है शनि शिव के भक्त हैं इसलिए वो इनके भक्तों को कभी नहीं सताते। ६ जुलाई से भगवान शंकर का पसंदीदा महीना सावन शुरू हो चुका है। ऐसे में ज्योतिषों के अनुसार शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए इस महीने में भगवान शिव की सच्चे मन से अराधना करने से भक्त शनि की प्रकोप से बचे रहेंगे। बजरंगबली को भगवान शिव का ही १०वां अवतार माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि हनुमान जी की पूजा करने से भी शनि महाराज भक्तों पर प्रसन्न होते हैं। कहा जाता है कि सावन के महीने में महादेव की पूजा के साथ ही हर मंगलवार को हनुमान जी की पूजा करने से शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव कम होता है।
विद्वानों के अनुसार इस दिन भक्तों को बजरंगबली को सिंदूर के अलावा गाय के घी से बने बेसन के लड्डू चढाना चाहिए। इसके अलावा, इस पावन माह में हर मंगलवार को बरगद के पेड़ के ८ पत्तों को काले धागे से बांधकर हुनमान जी को अर्पित करना चाहिए। साथ ही, पान के पत्ते में लौंग को लपेटकर हनुमान जी की पूजा करने से भी शनि देव प्रसन्न होते हैं।
सावन के शनिवार को काले तिल का दान करने और भगवान भोलेनाथ को तिल चढ़ाने से शनिदेव का प्रकोप कम होता है। वहीं, इस दिन भगवान शिव का शहद से अभिषेक करने से भी शनि दोष कम होता है। शनिवार के दिन पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाने और सात बार परिक्रमा करने से न्याय प्रिय शनि महाराज प्रसन्न होते हैं। सावन के शनिवार को एक पान में लोहे की कील, काला तिल और एक रुपए का सिक्का रखकर शनिदेव को चढ़ाने से शनि दोष दूर होता है।
राशिनुसार ऐसे करें शिव की पूजा
वे लोग जिनकी शनि की साढ़ेसाती है या फिर धनु, वृश्चिक और मकर राशि वाले शनि की साढ़ेसाती से परेशान हैं तो, ऐसे लोग हर श्रावण सोमवार को रुद्राभिषेक अवश्य करें और शिवलिंग के सामने बैठकर शनि के बीज मंत्र का जप करें। इसके अलावा उन्‍हें सुंदरकांड का पाठ भी करना चाहिए। आइए जानिए राशि के अनुसार कैसे करें पूजन…
मेष राशि – मेष राशि के लोगों को तांबे के लोटे में जल लेकर उसमें थोड़ा-सा गुड़ मिलाकर शिवजी का अभिषेक करना चाहिए। साथ ही भगवान शिव को लाल फूल अर्पित करने चाहिए।
वृष राशि – वृष राशि के लोगों को दूध और जल के मिश्रण से शिवलिंग का अभिषेक करना चाहिए।
इस दौरान चांदी या स्टील के लोटे का उपयोग करें। तांबे के बर्तन से दूध समर्पित नहीं करते हैं। साथ ही वृष राशि के लोगों को शिवलिंग पर दही, सफेद चंदन, सफेद फूल और चावल अर्पित करने चाहिए।
मिथुन राशि – मिथुन राशि में जन्मे लोगों को भगवान भोलेनाथ की पूजा तीन बिल्व पत्रों से करनी चाहिए। आप शिवलिंग का अभिषेक गन्ने के रस से कर सकते हैं। इससे आपको विशेष लाभ होगा।
कर्क राशि – कर्क राशि में जन्मे लोगों को घी से भगवान शिव का अभिषेक करना चाहिए। अगर आप कच्चा दूध शिवजी पर अर्पित करेंगे तो आपकी इच्छापूर्ति में आपको सहायता मिलेगी। सफेद चंदन से शिवजी का तिलक करें।
सिंह राशि – सिंह राशि में जन्मे लोगों को भगवान शिव का अभिषेक गुड़ मिश्रित जल से करना चाहिए। आप भगवान शिव को गेहूं अर्पित करेंगे तो आपको विशेष लाभ होगा।
कन्या राशि – कन्या राशि में जन्मे लोगों को भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए गन्ने के रस से अभिषेक करना चाहिए। शिवलिंग पर बेलपत्र और भांग के पत्ते चढ़ाने चाहिए।
तुला राशि – तुला राशि के लोगों को भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए श्रावण मास में आनेवाली मासिक शिवरात्रि पर इत्र, फूलों से सुगंधित जल या तेल से शिव का अभिषेक करना चाहिेए। साथ ही शहद अर्पित करने से लाभ होगा।
वृश्चिक राशि – वृश्चिक राशि वालों को पंचामृत से भगवान शिव का अभिषेक करना चाहिए। ऐसा करने से आप पर भगवान शिव जल्दी प्रसन्न हो सकते हैं।
धनु राशि – धनु राशि के लोगों को भगवान शिव का अभिषेक केसर या हल्दी युक्त दूध से करना चाहिए। साथ ही शिवलिंग पर बेल पत्र और पीले फूल अर्पित करें।
मकर राशि – मकर राशि के लोगों को काले तिल से भगवान शिव का अभिषेक करना चाहिए। इससे आपको भगवान शिव की कृपा प्राप्त होगी।
कुंभ राशि – कुंभ राशि के लोगों को भी मकर राशि के लोगों की तरह ही भगवान शिव पर काले तिल अर्पित करने चाहिए। साथ ही गंगाजल से शिवजी का अभिषेक करना चाहिए। इससे जीवन के कष्ट और संकट दूर होते हैं।
मीन राशि – मीन राशि के लोगों को भगवान शिव और शिवलिंग का अभिषेक करते समय पीले रंग के फूल अर्पित करने चाहिए। साथ ही पीली मिठाई का भोग भगवान शिव को लगाना चाहिए।
विवाह बाधा के लिए
सावन में आजमाएं निम्न उपाय
शिव भक्तों के लिए सावन का महीना बहुत खास कहा जाता है। इस महीने में शिव भगवान का पूजन कर उन्हें खुश किया जाता है। इस महीने में उन्हें खुश कर हर मनोकामना की पूर्ति करवाई जा सकती है। यदि आपकी शादी नहीं हो रही है तो आप सावन के महीने में शाम के समय संपूर्ण श्रृंगार करके माता गौरी के सामने बैठें इसके बाद एक घी का दीपक जलाएं।
सावन के महीने में करें यह उपाय:
अब दीपक जलाने के बाद माता गौरी को श्रृंगार के सभी सामान किसी पात्र में रखकर अर्पित कर दें। अब इसके बाद श्रृंगार के सामान अर्पित कर ‘ॐ ह्रीं गौर्ये नमः’ मंत्र का जाप करें।
अब मंत्र जाप के बाद पूजा खत्म होने के बाद आप माता गौरी से शीघ्र विवाह की प्रार्थना करें।
अब प्रार्थना करने के बाद श्रृंगार का सभी सामान, जो आपने माता गौरी को चढ़ाया था, किसी सुहागिन महिला को दे दें।
ऐसा करने से आपका विवाह जल्द ही हो जाएगा। भगवान शिव और माता पार्वती से अपना वैवाहिक जीवन सुचारु रूप से चलने की कामना करें।