" /> शिवसेना के साथ से दी कोरोना को मात : मासूम को फिर मिला मां-बाप का प्यार

शिवसेना के साथ से दी कोरोना को मात : मासूम को फिर मिला मां-बाप का प्यार

कोरोना संक्रमण के कारण मां-बाप पहुंचे थे अस्पताल
मासूम के सिर पर रखा शिवसेना ने ममता का हाथ

मां-बाप को कोरोना संक्रमण होने के कारण अलग रहने को मजबूर हुई 11 महीने की मासूम एक बार पिर अपने मां-बाप की गोद में पहुंच गई है। कोरोना संक्रमित उसके मा-बाप के अस्पताल में रहने के दौरान उसकी देखभाल कर रहे शिवसैनिक दंपति ने अब बच्ची को उसके मां-बाप को सौंप दिया है क्योंकि वे अस्पताल से ठीक होकर घर लौट आए हैं।

वैश्विक महामारी कोरोना के कारण उपजी संकट की घड़ी में शिवसेना व शिवसैनिक सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए दूसरों की मदद करने का हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। इसका एक बेहतरीन उदारण ठाणे जिले में देखने को मिला है। ठाणे निवासी एक परिवार के सभी सदस्य कोरोना से संक्रमित हो गए थे लेकिन परिवार में 11 माह की बच्ची का टेस्ट नेगेटिव आया था। ऐसे में सबसे बड़ी समस्या यह हो गई थी कि उस बच्ची की देखभाल और उसका लालन-पालन कौन करेगा? इसकी भनक जैसे ही शिवसेना नेता व ठाणे जिला के पालक मंत्री एकनाथ शिंदे के कानों तक गई, उन्होंने ठाणे जिला शिवसेना के माध्यम से बच्ची के लालन-पालन की जिम्मेदारी लेने का निर्णय लिया। इसके बाद बाला मुदलियार की पत्नी और शिवसेना महिला अघाड़ी की कार्यकर्ता रीना मुदलियार ने आगे आकर बच्ची की जिम्मेदारी ले ली। इसके बाद रीना मुदलियार और बच्ची के साथ रहने का प्रबंध ठाणे के टिपटॉप प्लाजा होटल में किया गया। 21 दिन के बाद जब बच्ची के माता-पिता कोरोना को मात देकर अस्पताल से बाहर निकले, तो बच्ची को उन्हें सौंप दिया गया। वहीं बच्ची के माता-पिता ने पालकमंत्री और महिला अघाड़ी कार्यकर्ता रीना मुदलियार और तमाम शिवसैनिकों का आभार प्रकट किया।