" /> शिव का अवतार होते हैं सर्प!

शिव का अवतार होते हैं सर्प!

नागपंचमी का त्योहार अब बेहद नजदीक आ गया है। हर साल सावन माह की शुक्ल पंचमी को नाग पंचमी का त्योहार पूरा देश मनाता है। इस बार नाग पंचमी २५ जुलाई को मनाई जाएगी। इस उपलक्ष्य में हम बात करते हैं नाग देवता से जुड़ी १५ मान्यताओं के बारे में, जो लोगों में प्रचलित हैं।
पहली मान्यता यह है कि इच्छाधारी नाग भी होते हैं और वे रूप भी बदल सकते हैं।
नाग और नागिन इंसानों से बदला लेते हैं। साथ ही नाग और सर्प में अंतर भी बताया गया है।
कुछ नागों के सिर पर मणि की बात भी कही जाती है।
नाग देवता की स्मरण शक्ति के बारे में कहा जाता है कि उनकी स्मरण शक्ति काफी तेज होती है।
यदि नाग की उम्र १०० साल से अधिक हो जाती है तो फिर उनकी दाढ़ी-मूंछें निकलने लग जाती हैं।
बड़े सांपों को भगवान शिव का अवतार माना जाता है।
मान्यता यह भी है कि कुछ नागों के पैर भी होते हैं।
१० मुंह वाले नागों को लेकर भी मान्यता है।
सर्प देवता को मारना या फिर उनकी लड़ाई देखना पाप की श्रेणी में आता है।
एक मान्यता यह भी काफी प्रचलित है कि नाग किसी भी मानव के शरीर में आ सकते हैं।
नाग चूहे के बनाए हुए बिल में निवास करते हैं।
नाग में ऐसी शक्ति भी होती है, जिससे कि वे मानव को सम्मोहित कर लेते हैं।
नाग लोक के होने की मान्यता भी है और वहां पर नागमानव निवास करते हैं।
संगीत भी नाग को प्रिय होता है और वे इसे सुनते ही नाच उठते हैं।
नाग को किसी भी प्राकृतिक आपदा जैसे कि बाढ़, भूकंप और प्रलय आदि का पूर्वाभास हो जाता है।