" /> शिव का स्वरूप हैं शिवलिंग

शिव का स्वरूप हैं शिवलिंग

भगवान शिव को शिवशंकर, आशुतोष, सांबसदाशिव, भोले भंडारी, आदि देव, महादेव आदि कई नामों से जाना जाता है। इसी तरह भगवान शिव की आराधना भी कई तरह से होती है, जहां भगवान शिव को निराकार स्वरूप में भजा जाता है। वहीं भगवान शिव की उपासना शिवलिंग स्वरूप में भी की जाती है।
भगवान शिव की आराधना का यह स्वरूप मृत्युलोक में काफी प्रचलित है। वैसे पुराणों में वर्णन मिलता है कि आकाश में तारकलिंग, पताल में हाटकेश्वर और मृत्युलोक में श्री महाकालेश्वर जो कि ज्योर्तिलिंग हैं, आराधना योग्य हैं। भगवान शिव शंभू का शिवलिंग स्वरूप में पूजन और अर्चन कई तरह से किया जाता है।
ऐसे में भगवान शिव की पूजा पाषाण, पार्थिव शिवलिंग, आदि स्वरूप में भी की जाती है। ऐसे में ये बहुत शुभफलदायी होते हैं। भगवान शिव के शिवलिंग के तौर पर स्फटिक के शिवलिंग, पाषाण के शिवलिंग, पारद के शिवलिंग की पूजा भी की जाती है। पारद का शिवलिंग बेहद दुर्लभ होता है। दरअसल, पारा एकमात्र ऐसी धातु है, जो कि तरल अवस्था में पाई जाती है, इसे एक आकार देना बेहद कठिन होता है। इस शिवलिंग की पूजा करने से मनुष्य को पापों से मुक्ति मिलती है।ृ

घर में शिवलिंग!
ज्योतिष के अनुसार, भगवान शिव की पूजा करने से हर कष्ट दूर हो जाते है। इसलिए उनका पूजन लिंग रूप में किया जाता है। लेकिन क्या आप जानते है कि घर में शिवलिंग रखें या न रखें इस बारे में लोगों के मन में बहुत से शक और सवाल रहते हैं। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार श्रावण के महीने में शिवजी और उनके परिवार की विशेष पूजा करनी चाहिए। शिवजी की पूजा में कुछ बातों का ध्यान रखने पर जल्दी ही सकारात्मक फल मिल सकते हैं। पूजन के लिए घर में शिवलिंग रखना चाहते हैं तो छोटा-सा ही रखें। शिवजी के साथ गणेशजी, माता पार्वती और नंदी की भी मूर्तियां जरूर रखें। शिवलिंग पर तांबे के लोटे से जल चढ़ाएं और बिल्व पत्र अर्पित करें और ‘ॐ नम: शिवाय’ मंत्र का जाप करें।
याद रखें कि देवी-देवताओं की खंडित मूर्तियां घर में नहीं रखनी चाहिए लेकिन शिवलिंग रख सकते हैं, क्योंकि शिवलिंग को निराकार स्वरूप माना गया है। इस कारण इसे खंडित नहीं माना जाता है। टूटा शिवलिंग भी पूजनीय होता है। ध्यान रखें घर में ज्यादा बड़ा शिवलिंग नहीं रखना चाहिए। घर में छोटा शिवलिंग रखना शुभ रहता है। हमारे अंगूठे के पहले पोर से बड़े आकार का शिवलिंग घर में रखने से बचना चाहिए। शिवजी के साथ ही गणेशजी, माता पार्वती, नंदी की भी मूर्तियां जरूर रखें। पूजा की शुरुआत गणेश पूजन से करना चाहिए।
घर में रोज करें साफ-सफाई
घर में शिवलिंग ऐसी जगह पर न रखें, जहां रोज साफ-सफाई नहीं होती है। घर में शिवलिंग है तो पवित्रता का विशेष ध्यान रखें। पूजा करते समय भक्त का मुंह उत्तर दिशा की ओर हो तो सर्वश्रेष्ठ रहता है।
रोज सुबह-शाम करें शिवजी की पूजा
सावन माह में रोज सुबह-शाम शिवलिंग की पूजा जरूर करें। अगर विधिवत पूजा नहीं कर पाते हैं तो दीपक जरूर जलाएं। दीपक जलाकर ‘ॐ नम: शिवाय’ मंत्र का जाप १०८ बार करें। मंत्र जाप रुद्राक्ष की माला से करना चाहिए।
शिवलिंग से जुड़ीं कुछ विशेष बातें:
शिवलिंग भगवान शंकर का एक अभिन्न अंग है, जो अति गर्म है, जिस कारण शिवलिंग पर जल चढ़ाने की प्रथा प्रचलित है।
मंदिरों में शिवलिंग के ऊपर एक घड़ा रखा होता है जिसमें से पानी की एक-एक बूंद शिवलिंग पर गिरती रहती है, जिससे शिवलिंग की गर्मी धीरे-धीरे शांत होकर उसमें से सकारात्मतक उर्जा प्रवाहित होने लगती है।
घर में शिवलिंग रखने पर रोज जल और दूध अर्पित करना चाहिए, ऐसा न करने पर शिवलिंग से निकलनेवाली गर्म ऊर्जा परिवार के लोगों, खासकर महिलाओं को नुकसान पहुंचाती है।

जपें शिव के ११ चमत्कारी मंत्र
सावन मास में शिव को प्रसन्न करने का यह एक अचूक तरीका हम आपके लिए लाए हैं। आपको बस सावन के शुरू के ११ दिन ही इसे करना है। ११ चावल ११ दिन तक इन ११ मंत्रों के साथ शिव जी को चढ़ाना है। पूरी श्रद्धा और भक्ति से करके देखें चमत्कार जरूर होगा जीवन में।
शिव की पूजा के बाद मन-ही-मन कुश आसन पर बैठ इन चमत्कारी मंत्रों का जप करें। यह विलक्षण सिद्धि व मनचाहा लाभ देनेवाला प्रयोग है-
ॐ अघोराय नम:
ॐ पशुपतये नम:
ॐ शर्वाय नम:
ॐ विरूपाक्षाय नम:
ॐ विश्वरूपिणे नम:
ॐ त्र्यम्बकाय नम:
ॐ कपर्दिने नम:
ॐ भैरवाय नम:
ॐ शूलपाणये नम:
ॐ ईशानाय नम:
ॐ महेश्वराय नम: