" /> शूटर भी, पेंटर भी अब मनोवैज्ञानिक

शूटर भी, पेंटर भी अब मनोवैज्ञानिक

किसी भी खेल के लिए मनोबल मजबूत होना चाहिए। और जब कोई खिलाड़ी मनोवैज्ञानिक ही हो तो? ये तो सोने पर सुहागा होता है। जी हां, एक बेहतरीन निशानेबाज और चित्रकार अंजुम मोद्गिल के व्यक्तिक्व का नया पहलू कोरोना वायरस लॉकडाउन के दौरान देखने को मिला है और वह है मनोवैज्ञानिक सलाहकार का। कुछ समय पहले ही अंजुम ने खेल मनोविज्ञान में डिग्री हासिल की है। दिहाड़ी मजदूरों और खेल जगत से जुड़े सहयोगी स्टाफ की परेशानियों से व्यथित अंजुम ने अपनी कुछ पेंटिग्स की नीलामी करके उनके लिए धन जुटाया। वह अपने दोस्तों को निजी स्तर पर मनोवैज्ञानिक सलाह भी दे रही हैं। टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वॉलिफाई कर चुकी इस निशानेबाज ने कहा, ”मैने अपनी पेंटिंग की नीलामी का फैसला किया। इससे मिलने वाली रकम प्ले फोर इंडिया को जायेगी जो दिहाड़ी मजदूरों और खेल जगत से जुड़े सहयोगी स्टाफ की मदद कर रहा है।”देश के कुछ बड़े खिलाड़ियों की मदद से चल रही ‘ प्ले फोर इंडिया मुहिम उन लोगों की मदद के लिए है जो लॉकडाउन से बुरी तरह प्रभावित हैं।” अंजुम ने बताया, ”मैंने अपने निशानेबाज दोस्तों के लिए कुछ काउंसिलिंग सत्र भी लिए हैं। ऐसे कठिन दौर में संयम बनाये रखना जरूरी है।”उसने हाथ से पेंट की हुई अपनी डायरियां भी एनजीओ के लिए धन जुटाने के मकसद से बेची हैं, जो महामारी से प्रभावित ग्रामीणों की मदद कर रहा है। उन्होंने कहा, ”मेरी मम्मी स्कूल में पढ़ाती हैं, जहां एक महिला का बेटा कैंसर से जूझ रहा है। मैंने उसकी मदद के लिए भी रकम दी है। मैं लोगों से भी मदद का आहवान कर रही हूं।”