शोषण के भंवर से छुड़ाएगी भंवरी

राजस्थान स्थित भाटेरी गांव का चर्चित भंवरी देवी बलात्कार कांड शायद ही लोग भुला पाए होंगे। जिस बलात्कार कांड ने हिंदुस्थान का कानून बदल दिया, अब वही भंवरी देवी शोषण के भंवर से यौन पीड़ितों को छुड़ाने के लिए निकल पड़ी है। ‘राष्ट्रीय गरिमा अभियान’ के बैनर तले भंवरी देवी सहित यौन शोषण की शिकार हुई पांच हजार पीड़िता आज मुंबई से दिल्ली डिग्निटी मार्च करेंगी। यौन हिंसा के खिलाफ अपना कदम बढ़ाते हुए ये पीड़िता ‘डिग्निटी’ का दम भरेंगी यानी यौन शोषण पीड़िताओं को बिना किसी शर्म के जिंदगी जीने के लिए प्रोत्साहित करेंगी।
बता दें कि राष्ट्रीय गरिमा अभियान द्वारा ‘स्पीक आउट’ एक ऑनलाइन सर्वे किया गया। सर्वे का उद्देश्य महिलाओं एवं बच्चों के खिलाफ होनेवाली यौन हिंसा को जानने और पीड़िताओं की आवाज को बुलंद करना था। इस सर्वे में इस बात का खुलासा हुआ कि समाज के भय से यौन हिंसा के ९५ प्रतिशत मामले सामने आते ही नहीं। यौन शोषण की शिकार महिलाओं व बच्चों की आवाज सामाजिक निंदा के भय में दबकर रह जाती है। इन्हीं आवाजों को सामने लाने के लिए ‘डिग्निटी मार्च’ किया जा रहा है। अभियान के समन्वयक आसिफ शेख ने बताया कि यौन शोषण के चर्चित मामलों की पीड़िताओं के साथ यह डिग्निटी मार्च किया जा रहा है। मुंबई से दिल्ली तक निकलनेवाला यह डिग्निटी मार्च २४ राज्यों के २०० जिलों से होता हुआ गुजरेगा। इस मार्च में शामिल पीड़िताएं जिला, गांव, कस्बे में जाकर कार्यक्रम करेंगी। इसके तहत वे यौन शोषण की शिकार महिलाओं को सामने आने के लिए जागरूक करेंगी, साथ ही पीड़िता के प्रति समाज की घृणित सोच को बदलने का काम भी किया जाएगा। समाज से यह अपील की जाएगी कि वे पीड़िता को शर्मसार करने की बजाय उनके सम्मान और समर्थन में खड़े रहें। सायन के सोमैया मैदान से शुरू होनेवाले इस डिग्निटी मार्च में भंवरी देवी के अलावा देह व्यापार प्रथा की शिकार हिना, मानव तस्करी के जाल में फंसी किरण पावरा, पुलिस की हवस का शिकार बनी जानकी देवी के अलावा ‘मी टू’ मुहिम में अपनी आवाज बुलंद करनेवाली अभिनेत्री टिस्सा चोपड़ा, सुधा चंद्रन सहित पांच हजार पीड़िताएं शामिल होंगी। इस डिग्निटी मार्च में ५० हजार पीड़िताओं के शामिल होने का दावा अभियान ने किया है।