" /> श्रेष्ठ है श्रीवर्धन

श्रेष्ठ है श्रीवर्धन

गर्मी शुरू हो रही है और अगले दो दिनों में हुड़दंग का त्यौहार होली है। ऐसे समय में निश्चित तौर पर आप किसी ऐसे पर्यटन स्थल की तलाश में होंगे जहां घुमक्कड़ी का आनंद दोगुना हो जाए। ऐसे में विशाल और खूबसूरत समुद्र तटों के लिए मशहूर श्रीवर्धन का समुद्र तट पर्यटकों को हमेशा अपनी ओर आकर्षित करता है। श्रीवर्धन इतिहास और अध्‍यात्‍म का मिश्रण है। यहां पर कई पक्षियों के साथ-साथ दुनियाभर के प्रवासी पक्षी भी देखे जा सकते हैं। इसलिए अध्यात्म में रूचि रखनेवालों के साथ-साथ घुमक्कड़ी के शौकीनों और देशी-विदेशी पर्यावरण प्रेमियों के लिए भी ये जगह खास महत्‍व रखती है। मुंबई-पुणे हाइवे मुंबई से श्रीवर्धन तक पहुंचने में ४ घंटे का समय लगता है।
श्रीवर्धन महाराष्‍ट्र के रायगड जिले में स्थित छोटा-सा शहर है, जोकि ऐतिहासिक के साथ-साथ धार्मिक महत्‍व भी रखता है। किंवदंती है कि पांडव पुत्रों में से एक अर्जुन अपनी तीर्थयात्रा के दौरान इस जगह आए थे। श्रीवर्धन शहर अपने सुंदर तटों और लक्ष्‍मीनारायण मंदिर के लिए लोकप्रिय है। इस शहर को पेशावाओं की भूमि भी कहा जाता है क्‍योंकि यहां पर सबसे पहले पेशवा बालाजी विश्‍वनाथ का अभिवादन हुआ था। आप सालभर में कभी भी श्रीवर्धन आ सकते हैं। अक्‍टूबर से मार्च के बीच इस तटीय शहर में आना ज्‍यादा बेहतर रहता है।
प्रमुख आकर्षण
कोलाड- मुंबई से श्रीवर्धन की सड़कें काफी अच्‍छी हैं और १८७ किमी के इस रास्‍ते के बीच में कोलाड भी पड़ेगा। कोलाड में रुकें। एडवेंचर स्पोर्ट्स पसंद करनेवाले लोगों के लिए कोलाड किसी जन्‍नत से कम नहीं है। व्‍हाइट वॉटर राफ्टिंग करने के साथ-साथ यहां कई खूबसूरत झरने और बांध देखे जा सकते हैं। तमहिनी झरना यहां के प्रमुख आकर्षणों में से एक है। इससे पूरी घाटी का सुंदर नजारा दिखाई देता है।
श्रीवर्धन समुद्र तट- यहां का सबसे प्रमुख आकर्षण श्रीवर्धन समुद्र तट है, यह बीच अन्य बीचों के मुकाबले काफी साफ है, साथ ही यहां पर्यटकों की भीड़ भी काफी देखने को मिलती है। यहां से दीवेएगर और हरिहरेश्‍वर भी काफी नजदीक हैं।
लक्ष्‍मी नारायण मंदिर- इतिहास के साथ अध्‍यात्‍म का मिश्रण देखना चाहते हैं तो लक्ष्‍मी नारायण मंदिर आएं। ७०० साल प्राचीन लक्ष्‍मी नारायण मंदिर होयसला शैली का उत्‍कृष्‍ट उदाहरण है।
कुश्‍मेश्‍वर मंदिर- यहां पर कुश्‍मेश्‍वर मंदिर भी बहुत लोकप्रिय है। कुश्‍मेश्‍वर पर्वत के मध्‍य में स्थित ये मंदिर पत्‍थरों की नक्‍काशी के लिए प्रसिद्ध है।
पेशवा स्‍मारक- १७५० में निर्मित तीसरे पेशवा बालाजी बाजी राव की मूर्ति को भी यहां देख सकते हैं। हाल ही में इसे रेनोवेट किया गया है। इसके अलावा १९९९ में पेशवा मराठा राजवंश के सम्‍मान में पेशवा बालाजी विश्‍वनाथ की मूर्ति की भी स्‍थापना की गई थी।
कैसे पहुंचे?
श्रीवर्धन वायु मार्ग- यहां से १९५ किमी दूर है छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट जो कि श्रीवर्धन का निकटतम हवाई अड्डा है। ये एयरपोर्ट देश के प्रमुख शहरों जैसे दिल्‍ली, बंगलुरु, चेन्‍नई और हैदराबाद आदि से जुड़ा हुआ है।
रेल मार्ग- यहां से ४७ किमी दूर स्थित मानगांच निकटतम रेलवे स्‍टेशन है जोकि महाराष्‍ट्र के प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है। ये नई दिल्‍ली, बंगलुरु, तिरुवनंतपुरम और चेन्‍नई जैसे शहरों से भी जुड़ा हुआ है।
सड़क मार्ग- श्रीवर्धन आने का सबसे सही साधन है सड़क मार्ग। ये शहर सड़क द्वारा सभी प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है और श्रीवर्द्धन के लिए मुख्‍य शहरों से नियमित बसें चलती हैं। मुंबई से श्रीवर्धन १८७ किमी दूर है।