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‘संकट का मुकाबला धैर्य से करेंगे!’

कोरोना संकट का मुकाबला जिस जिद और धैर्य से आप लोग कर रहे हैं और उसे नियंत्रित करने में सरकार का सहयोग कर रहे हैं, उसी धैर्य और जिद्द से ‘निसर्ग’ संकट का मुकाबला कर इससे हम बाहर निकलेंगे। ऐसा आत्मविश्वास जताते हुए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने जनता के धैर्य को मानाचा मुजरा करते हुए कहा कि संकट की छाती पर चलकर हम इससे बाहर निकलेंगे।

निसर्ग चक्रवात संकट को लेकर कल मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने सोशल मीडिया के जरिए राज्य की जनता को संबोधित किया। उन्होंने इस दौरान जनता को सतर्क भी किया। उन्होंने कहा कि भले ही यह चक्रवात अलीबाग में टकरा सकता है लेकिन मुंबई से सिंधुदुर्ग तक सभी को सतर्क और सावधान रहना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जहां भी आपदा होगी, वहां प्रशासन मदद के लिए जरूर पहुंचेगा, लेकिन हमें भी सावधानी बरतनी होगी। चक्रवात अपने साथ तूफानी बारिश भी लेकर आ रहा है इसलिए हमें सावधान रहना जरूरी है। उन्होंने कहा कि इस चक्रवात से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह से तैयार है। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने अपने लाइव संबोधन में मछुआरों से लेकर आम जनता को संकट से निपटने के लिए दिशा निर्देश भी दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी मछुआरों से संपर्क हो चुका है। कई मछुआरे घर पर पहुंच गए और कुछ समुद्र में हैं, जिन्हें वापस लाया जा रहा है। उन्होंने मछुआरों से आगामी दो दिनों तक समुद्र में न जाने का आह्वान किया है। जनता को घर से बाहर न निकलने का आह्वान करते हुए कहा कि वे आश्रय के लिए अस्थायी शेड और खतरनाक इमारतों का सहारा न लें, घर के बाहर पड़े सामानों को हटा दें, जरूरी दस्तावेज को संभालकर रखें, पीने का पानी बचा के रखें। घर की एक जगह ऐसी रखें, जहां आप सुरक्षित रह सकें और आवश्यक न हो तो घर की  बिजली बंद रखें। उन्होंने जनता से कहा कि वे अफवाहों में न आएं। दूरदर्शन और आकाशवाणी पर आनेवाले आधिकारिक दिशा-निर्देशों का पालन कर प्रशासन का सहयोग करें। उन्होंने लोगों से यह भी आह्वान किया कि वे स्वयं सुरक्षित रहते हुए हो सके तो दूसरों की भी मदद करें। उन्होंने बांद्रा के कोरोना अस्पताल में भर्ती मरीजों को किए  गए स्थानांतरण का उदाहरण देते हुए  लोगों से अपील की कि सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन द्वारा निश्चित जगह पर स्थानांतरित हों ताकि लोग सुरक्षित रहें।