संकट का संकेत देता ओशिनिया!

क्या दुनिया एक और विश्व युद्ध के मुहाने पर खड़ी है? यदि ऐसा होता है तो क्या होगा? क्या महायुद्ध के दौरान पेश आनेवाली र्इंधन की किल्लत से निपटने की तैयारी शुरू हो गई है? सीरिया और इराक में आइसिस (इस्लामिक इस्टेट) के सफाए के बाद श्रेय लेने की होड़ रूस और अमेरिका के बीच टकराव की वजह बनी हुई है। कश्मीर को लेकर हिंदुस्थान-पाकिस्तान के बीच टकराव जारी है। चीन के साथ हिंदुस्थान का सीमा विवाद, इजराइल-फिलिस्तीन के बीच वर्षों से चल रहा झगड़ा, सऊदी अरब और ईरान के बीच वैचारिक टकराव, अमेरिका-ईरान के बीच जारी टकराव और चीन-अमेरिका के बीच चल रहा ट्रेड वॉर पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। इन तमाम विवादों के कारण कभी भी एक और महायुद्ध भड़क सकता है। अर्थात इस समय दुनिया एक महासंकट के मुहाने पर खड़ी है। यदि एक और महायुद्ध होता है तो दुनिया को र्इंधन की भारी किल्लत का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में दुनिया का सबसे बड़ा तेल टैंकर ओशिनिया र्इंधन भंडारण क्षेत्र के मिशन पर रवाना हो चुका है। यह अत्यंत विशाल तेल वाहक आईएमओ २०२० के नियमों के अनुसार र्इंधन का भंडारण करता है। महीनों की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए यह जहाज एशिया की ओर बढ़ रहा है।
विश्व के सबसे बड़े तेल टैंकर ने एशिया में र्इंधन भंडारण क्षेत्र के लिए १२,४०० मील की यात्रा (जलयात्रा) शुरू की है, इस पोत के इस मिशन के लिए शिपिंग बाजार और र्इंधन व्यापारियों ने महीनों तक योजना बनाई है। यह १६ साल पुराना टैंकर १,२०० फीट से अधिक लंबा है तथा प्रâांस और ब्रिटेन के संयुक्त तेल की एक दिन की खपत को पूरी करने में समर्थ है। पोत से मिल रहे ताजा संकेतों से अनुमान लगाया जा जा रहा है कि ओशिनिया सितंबर के अंत तक मलेशिया के सुंगई लिंग्गी पहुंच जाएगा। पानी में इसकी गहराई और पिछली गतिविधियों से संकेत मिलता है कि एंटवर्प-आधारित यूरोनव एनवी के स्वामित्व वाली तथाकथित अत्यंत विशाल माल वाहक पोत में काफी कच्चा माल लदा है।
ओशिनिया, वर्तमान में पश्चिमी अप्रâीका से आगे बढ़ रहा ओशिनिया, लगभग मार्च से भूमध्यसागर में माल जमा कर रहा था। यूरोनव की मूल योजना अपने बेड़े में शामिल इस सुपरटैंकर का उपयोग आईएमओ २०२० के नियमों के अनुरूप र्इंधन स्टोर करने के लिए करना, जो कि व्यावसायिक जहाजों को सल्फर उत्सर्जन में कटौती करने को मजबूर करेगा। कंपनी ने इस मामले पर कई बार टिप्पणी करने से इंकार कर चुकी है। पोत ओशिनिया वोर्टेक्सा के टैंकर-ट्रैकिंग डेटा के अनुरूप है, जब जहाज पूर्वी एशिया में आ जाएगा तो यह वाहकों के बेड़े में शामिल हो जाएगा जो नियमों को पूरा करनेवाले उत्पादों को संग्रहित करेगा।
ओस्लो में पारेतो सिक्योरिटीज के शिपिंग विश्लेषक एरिक हैवलडसन के अनुसार यह असामान्य और निश्चित रूप से आईएमओ २०२० की कहानी से निपटने का एक दिलचस्प तरीका है, जो कि जोखिम रहित तो नहीं है परंतु दिलचस्प है और अन्य शिपिंग कंपनियों से थोड़ा अधिक परिष्कृत भी है। हैवलडसेन का मानना है कि फिलहाल यूरोनव की कीमतों में उतार-चढ़ाव के जोखिम को कम करना मुश्किल है क्योंकि कंपनी ने भविष्य में र्इंधन के लिए कीमतों को बंद कर दिया है। टैंकर मालिक ने पिछले सप्ताह एक आय कॉल के दौरान कहा कि उसने अपनी आईएमओ २०२० र्इंधन की रणनीति के संबंध में अतिरिक्त त्र् १०० मिलियन उधार लिया है, यह कहते हुए कि ५ सितंबर को एक और ब्रीफिंग होगी। लंदन स्थित अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन (इंटरनेशनल मेरि टाइम ऑर्गनाइजेशन) के नियमों के तहत जनवरी से ज्यादातर जहाजों के कम सल्फर वाले र्इंधन का उपभोग करना शुरू हो जाएगा।