संकट में सिद्धू

पंजाब सरकार में मंत्री नवजोत सिद्धू का विवादों से पुराना नाता रहा है। पाकिस्तान के प्रति उमड़े प्रेम एवं ऊटपटांग बयानबाजी के कारण सिद्धू पहले ही विवादों में घिरे हुए हैं। अब चुनावी माहौल में सिद्धू द्वारा की गई ऐसी ही कुछ बयानबाजी उनके गले की हड्डी बनती नजर आ रही है। लोकसभा चुनाव परिणामों के ऐलान के बाद सिद्धू की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। उनसे मुख्यमंत्री वैâप्टन अमरिंदर सिंह के साथ टकराव को लेकर जवाब तलब किया जा सकता है। दोनों नेताओं के बीच घमासान को लेकर पार्टी गंभीर है।
बता दें कि पंजाब के वैâबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू और उनकी पत्‍नी डॉ. नवजोत कौर सिद्धू पर शिकंजा कस गया है। बताया जाता है कि मुख्यमंत्री वैâप्टन अमरिंदर सिंह और सिद्धू के बीच तकरार का मामला कांग्रेस के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष राहुल गांधी के पास पहुंच गया है। नवजोत सिद्धू और उनकी पत्‍नी नवजोत कौर सिद्धू की शिकायत दिल्ली दरबार में किए जाने की सूचना है। बठिंडा में दिए गए सिद्धू के भाषण और उनकी पत्‍नी की टिप्‍पणियों की वीडियो कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को भेजा गया है। दूसरी ओर, सिद्धू पर पंजाब के एक और मंत्री ने निशाना साधा है व उनसे इस्‍तीफा मांगा है। कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि सिद्धू और उनकी पत्‍नी के वैâप्टन अमरिंदर सिंह व अन्‍य वरिष्‍ठ पार्टी के नेताओं के खिलाफ दिए गए तमाम बयानों की वीडियो क्लिप पंजाब कांग्रेस की ओर से कांग्रेस आलाकमान को भेजी गई है। बताया जाता है कि रिपोर्ट में कहा गया है कि सिद्धू दंपति ने मीडिया में और सार्वजनिक मंचों से खुले तौर पर बयान देकर लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस को नुकसान पहुंचाया है। उधर, मंगलवार को वैâबिनेट मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा ने भी नवजोत सिद्धू पर निशाना साधा। अरोड़ा ने एक बयान में कहा कि सिद्धू की मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के खिलाफ बयानबाजी गैर जिम्मेदाराना व निंदनीय है। ऐसी बयानबाजी से कांग्रेस को काफी नुकसान हुआ है। पार्टी हाईकमान सिद्धू के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे। इससे पहले, वरिष्‍ठ मंत्री ब्रह्म मोहिंदरा ने कहा था कि सिद्धू सिर्फ दो साल पहले कांग्रेस में आए हैं और अपने नियम झाड़ रहे हैं। अपना एजेंडा अन्य लोगों पर भी लागू कर रहे हैं। इसका हाईकमान को गंभीर नोटिस लेना चाहिए। सिद्धू पार्टी व सरकार की छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं। मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा था कि पार्टी को केवल सिद्धू ही नहीं, बल्कि राज्यसभा सदस्य शमशेर सिंह दूलों और प्रताप सिंह बाजवा के खिलाफ भी कार्रवाई करनी चाहिए। गौरतलब हो कि लोकसभा चुनाव में पंजाब में चुनाव प्रचार के अंतिम दिन १७ मई को नवजोत सिंह सिद्धू ने बठिंडा में कांग्रेस प्रत्‍याशी अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के पक्ष में सभा को संबोधित करते हुए सीएम वैâप्‍टन अमरिंदर सिंह पर हमला कर दिया था। सिद्धू ने कहा था, कोई बोलता है कि अगर सभी १३ सीटें हार गए तो इस्तीफा दे दूंगा लेकिन मैं कहता हूं कि अगर बेअदबी करनेवालों पर कार्रवाई नहीं हुई तो मैं इस्तीफा दे दूंगा। सिद्धू ने इशारों में बादल परिवार और वैâप्‍टन अमरिंदर सिंह में मिलीभगत का भी आरोप जड़ा। उन्‍होंने कहा कि प्रâेंडली मैच खेलने वालों को हराएं।